चंडीगढ़ के स्टार बल्लेबाज शिवम भाम्बरी ने यूटीसीए चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) में एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाते हुए चार संस्करणों में तीसरी बार ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार अपने नाम किया।
चंडीगढ़ किंग्स फाइनल में रॉक गार्डन वॉरियर्स से हारकर खिताब से चूक गई, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में भाम्बरी का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा।
भाम्बरी ने 11 मैचों में 182.04 के स्ट्राइक रेट से रिकॉर्ड 608 रन बनाकर टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का गौरव हासिल किया। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रॉक गार्डन वॉरियर्स के खिलाफ रहा, जब उन्होंने पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में महज 63 गेंदों पर नाबाद 171 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 15 छक्के जड़े। यह मुकाबला कई आईपीएल फ्रेंचाइजी के टैलेंट स्काउट्स की मौजूदगी में खेला गया।
फ्लडलाइट में खेलने से मिला अहम अनुभव
30 वर्षीय भाम्बरी ने कहा कि यह उनके लिए अब तक का सबसे बेहतरीन सीपीएल सीजन रहा। उनके अनुसार, फ्लडलाइट्स में आयोजित टूर्नामेंट ने खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों में खेलने का महत्वपूर्ण अनुभव दिया, जिसकी कमी पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों में महसूस होती थी। उन्होंने कहा कि इस बार प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा रहा और वह इस लय को आगामी घरेलू सत्र में भी बरकरार रखना चाहते हैं।
अब आईपीएल में जगह बनाने का लक्ष्य
पिछले सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चंडीगढ़ टीम की कप्तानी कर चुके भाम्बरी का कहना है कि कप्तानी के अनुभव ने उनके खेल और नेतृत्व क्षमता दोनों को निखारा है। पंजाब की आयु वर्ग क्रिकेट से आगे बढ़कर 2019 में यूटी क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े भाम्बरी अब तक चंडीगढ़ के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं और अपनी कप्तानी में चंडीगढ़ किंग्स को दो सीपीएल खिताब भी दिला चुके हैं।
भाम्बरी ने कहा कि पिछले घरेलू सत्र में वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके थे, लेकिन सीपीएल में मिली सफलता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सभी प्रारूपों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के दम पर आईपीएल अनुबंध हासिल करना है। भाम्बरी अब तक चंडीगढ़ के लिए 26 प्रथम श्रेणी, 22 लिस्ट-ए और 38 टी-20 मुकाबले खेल चुके हैं।
