पंजाब: राज्य अध्यक्ष पलविंदर सिंह महल की अगुवाई में रइया के पास एक गांव के गुरुद्वारा साहिब में भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष की राज्य-स्तरीय बैठक हुई। बैठक में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए नेताओं ने किसानों के अहम मुद्दों पर चर्चा की और सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।
राज्य अध्यक्ष पलविंदर सिंह महल ने कहा कि सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों के साथ धोखा किया है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर और कपूरथला समेत कई जिलों के बाढ़ प्रभावित किसान मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। कच्ची और पकी फसलों, खेतों और अन्य नुकसानों का मुआवजा अभी तक जारी नहीं किया गया है।
मानावाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की पटरियां करेंगे जाम
उन्होंने कहा कि संगठन ने डीसी दफ्तरों के सामने धरना, मार्च, मांग-पत्र सौंपने और हर लोकतांत्रिक तरीके का इस्तेमाल किया, लेकिन सरकार ने किसानों की बात गंभीरता से नहीं सुनी। इसलिए, 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे मानावाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की पटरियां जाम करके सरकार को जगाया जाएगा।
संघर्ष होगा तेज
महल ने आरोप लगाया कि गन्ना किसानों का भुगतान बकाया है, तरनतारन में करोड़ों रुपये का घोटाला अभी तक हल नहीं हुआ है और किसान नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके संघर्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत किसानों की मांगें नहीं मानीं, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
उन्होंने पंजाब के सभी किसानों, मजदूरों और न्यायपसंद लोगों से अपील की कि वे 11 अगस्त को बड़ी संख्या में मानावाला रेलवे स्टेशन पहुंचें और संघर्ष को सफल बनाएं।
