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26 साल बाद भी सुपरहिट क्यों है 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी'? जानें 5 बड़ी वजहें

26 साल बाद भी सुपरहिट क्यों है 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी'? जानें 5 बड़ी वजहें

एंटरटेनमेंट डेस्क : करीब 26 साल पहले एकता कपूर ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के जरिए भारतीय टेलीविजन की तस्वीर बदल दी थी। यह सिर्फ एक डेली सोप नहीं था, बल्कि ऐसा सांस्कृतिक फेनोमेनन बना जिसने फैमिली एंटरटेनमेंट की परिभाषा ही बदल दी।

पिछले कई वर्षों में एकता कपूर ने खुद को भारत की सबसे मजबूत प्रोड्यूसर ब्रांड के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने लगातार ऐसा कंटेंट दिया, जो हर पीढ़ी के दर्शकों से जुड़ा और हर मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के साथ एकता कपूर ने रिकॉर्डतोड़ टीआरपी, जबरदस्त दर्शक जुड़ाव और ऐसे यादगार किरदार दिए जो हर घर का हिस्सा बन गए। दर्शकों की पसंद को समझने और उसे पर्दे पर उतारने की उनकी क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। दो दशक से ज्यादा समय बाद भी इस शो की लोकप्रियता बरकरार है, और नए सीजन के साथ इसकी वापसी इस बात का सबूत है कि कुछ कहानियां और उन्हें गढ़ने वाले निर्माता कभी अपना जादू नहीं खोते।

1. भारतीय टेलीविजन की सबसे बड़ी सफलता की कहानी बनी

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ सिर्फ एक हिट शो नहीं था, बल्कि उस दौर का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टीवी शो बन गया। हर हफ्ते यह टीआरपी चार्ट्स में शीर्ष पर रहता था और लाखों परिवार अपनी शाम का समय इस शो के हिसाब से तय करते थे। जब अपॉइंटमेंट व्यूइंग का दौर था, तब इस शो ने लगातार रिकॉर्डतोड़ टीआरपी हासिल कर भारतीय टेलीविजन के सबसे सफल डेली सोप्स में अपनी जगह बनाई।

2. दर्शकों से ऐसा जुड़ाव, जो बेहद कम शोज़ को नसीब हुआ

बहुत कम टीवी शोज़ ऐसे रहे हैं, जिन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ जैसी चर्चा बटोरी हो। कहानी का हर बड़ा मोड़, भावनात्मक टकराव, शादी या चौंकाने वाला खुलासा पूरे देश में चर्चा का विषय बन जाता था। दर्शक हर एपिसोड के साथ हंसते, रोते, खुश होते और अपनी राय रखते थे। यही वजह थी कि विरानी परिवार लोगों को अपने ही परिवार का हिस्सा लगने लगा।

3. ऐसे किरदार दिए, जिन्हें आज भी नहीं भूला जा सका

तुलसी सिर्फ एक किरदार नहीं रहीं, बल्कि करोड़ों दर्शकों की भावनाओं का हिस्सा बन गईं। मिहिर और पूरे विरानी परिवार के हर सदस्य ने अपनी अलग पहचान बनाई। उनके रिश्ते, संघर्ष और जिंदगी के सफर आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं, जो इस शो की बेहतरीन कहानी और मजबूत किरदारों की सबसे बड़ी पहचान है।

4. फैमिली एंटरटेनमेंट की परिभाषा बदल दी

एकता कपूर ने उस समय दर्शकों की पसंद को बखूबी समझा, जब रिश्तों, भावनाओं, पारिवारिक मूल्यों और बड़े ड्रामे वाली कहानियों की मांग बढ़ रही थी। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के जरिए उन्होंने डेली सोप को देशभर का सबसे पसंदीदा मनोरंजन बना दिया। इस शो की सफलता ने बाद में आने वाले कई टीवी शोज़ को प्रेरित किया और भारतीय टेलीविजन की दिशा हमेशा के लिए बदल दी।

5. 26 साल बाद भी कायम है इसकी विरासत

किसी भी शो की सबसे बड़ी सफलता यही होती है कि वर्षों बाद भी दर्शकों का उससे जुड़ाव बना रहे। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने 26 साल बाद भी अपनी वही लोकप्रियता बरकरार रखी है। दर्शकों के जबरदस्त प्यार की बदौलत यह शो अब नए सीजन के साथ लौट रहा है, जो सिर्फ कुछ चुनिंदा और आइकॉनिक शोज़ को ही नसीब होता है। यह एक बार फिर साबित करता है कि एकता कपूर की कहानियां हर पीढ़ी के दर्शकों से जुड़ना जानती हैं और यही वजह है कि उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत की ‘कॉन्टेंट क्वीन’ और ‘कॉन्टेंट ज़ारीना’ कहा जाता है।

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