करनाल। जुंडला-बांसा रोड पर उस समय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति ने करीब ₹2.90 लाख की लूट और मारपीट की सूचना दी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना, निसिंग थाना, जुंडला चौकी और सीआईए की टीमें सायरन बजाती हुई तुरंत मौके पर पहुचीं।
इस कहानी पर काम कर रही थी पुलिस
जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की तो पूरी कहानी मनगढ़ंत और झूठी निकली। आरोपी ने अपने ही साले को पैसे देने से बचने के लिए खुद पर हमले और लूट की यह खौफनाक साजिश रची थी। मूल रूप से जुंडला के रहने वाले और वर्तमान में करनाल के रामनगर निवासी पवन कुमार (जो कोरिअर का काम करता है) ने पुलिस को एक बेहद सस्पेंस भरी कहानी सुनाई थी। पवन के मुताबिक उसने हाल ही में अपना एक प्लॉट बेचा था, जिसके ₹2.90 लाख लेकर वह बाइक से घर लौट रहा था। जुंडला-बांसा रोड पर दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उसकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया।
शुरुआती जांच में होने लगा था शक
बदमाशों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, उसके पैर बांध दिए और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। इस कहानी की तस्दीक पवन के रिश्तेदारों ऋषिदेव और राकेश कुमार ने भी की, जिससे एक बार तो पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही डायल-112 के इंचार्ज एसआई चंद्रभान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें शुरुआती जांच में ही पीड़ित के बयानों पर शक होने लगा।
पूछताछ में टूटा ‘मास्टर माइंड’
सदर थाना के एसएचओ तरसेम चंद के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पवन से अलग ले जाकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसकी बनाई कहानी के ताने-बाने बिखर गए। पवन ने प्लॉट तो जरूर बेचा था और उसके पास पैसे भी थे, लेकिन उसका अपने साले के साथ रुपयों का लेन-देन चल रहा था। साला अपने पैसे मांग रहा था। साले को पैसे देने से बचने और उसे टरकाने के लिए पवन ने खुद के साथ लूट होने और पैर बांधे जाने का यह हाई-वोल्टेज ड्रामा रचा था।
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