खामेनेई अंतिम संस्कार: ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत की भागीदारी के लिए भारत सरकार और भारतीय जनता का धन्यवाद किया है।
भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में भारत का साथ दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास, सम्मान और लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
बीते शुक्रवार भारत का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचा और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस प्रतिनिधिमंडल में सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल थे। बता दें फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।
कई भारतीय नेताओं और धार्मिक गुरुओं ने भी दी श्रद्धांजलि
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सहित विभिन्न धर्मों के प्रमुख धार्मिक नेताओं ने भी ईरान के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसमें सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
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भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया एक्स पर भारत का आभार व्यक्त किया। दूतावास ने कहा कि भारत सरकार, भारतीय जनता और अंतिम संस्कार में शामिल हुए आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के प्रति ईरान दिल से धन्यवाद प्रकट करता है। भारतीय नेताओं, सांसदों, शिक्षाविदों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मित्रतापूर्ण संबंध बेहद मजबूत हैं। दुख की इस घड़ी में भारत द्वारा दिखाई गई संवेदना और एकजुटता को वह हमेशा याद रखेगा।
लाखों लोगों ने दी अंतिम विदाई
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सोमवार सुबह तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली गई। इसे ईरान के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी अंतिम यात्राओं में से एक बताया जा रहा है। लाखों लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर पहुंचे। अयातुल्ला खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूतों को ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर एक बड़े वाहन पर रखा। वाहन को धार्मिक स्थल की तरह सजाया गया। बड़ी संख्या में लोग ताबूत के पास पहुंचने और उसे छूने की कोशिश करते दिखाई दिए। कई लोगों ने अपने स्कार्फ और अन्य वस्तुएं सुरक्षाकर्मियों के माध्यम से ताबूत से स्पर्श कराने की कोशिश की। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों पर पानी का छिड़काव कराया। वहीं भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउडस्पीकर से लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और धक्का-मुक्की नहीं करने की अपील की जाती रही।
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मश्हद में होगा अंतिम संस्कार
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि अंतिम यात्रा करीब 12 घंटे तक चलेगी। इसके बाद ताबूतों को तेहरान से मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ले जाया जाएगा। सरकार के अनुसार, शनिवार से शुरू हुआ राष्ट्रीय शोक गुरुवार तक जारी रहेगा। इसके बाद 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके जन्मस्थान मश्हद में स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान पूरे ईरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई सरकारी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है और सड़कों से लेकर हवाई क्षेत्र तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
