अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने 30 मई को 'पिकलबॉल नाइट' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर चीनी राजदूत श्ये फंग ने भाषण देते हुए कहा कि टेबल टेनिस से पिकलबॉल तक जो बदला है वह है रैकेट और जो नहीं बदला है वह है दोनों देशों के लोगों की दोस्ती की साझा इच्छा।
श्ये फंग ने कहा कि पाँच दशक पहले छोटी पिंग-पोंग बॉल ने प्रशांत महासागर में संचार का पुल बनाया। अब पिकलबॉल नए युग में चीन और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए सुंदर रास्ता बना रहा है। चीन और अमेरिका खेल के मैदान में दो टीमों की तरह हैं। हमें नियमों के अनुसार मुकाबला करना चाहिए और इससे भी ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि हमें एक-दूसरे को समझना और सम्मान देना चाहिए।
श्ये फंग ने कहा कि प्रतिस्पर्धा अपरिहार्य है, लेकिन हमें सक्रिय, निष्पक्ष और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चाहिए। आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण अस्तित्व, सहयोग और समान जीत का तर्कसंगत ज्ञान बड़े देशों के बीच रहने का तर्क है।
श्ये फंग ने आगे कहा कि चीन और अमेरिका के इतिहास, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और विकास पथ अलग हैं, लेकिन भिन्नता विरोध का कारण नहीं है। इसके विपरीत यह आदान-प्रदान का अवसर और सहयोग के लिए प्रेरक शक्ति होनी चाहिए। आशा है कि अमेरिका नेताओं की सहमति का कार्यान्वयन करने में चीन के साथ प्रयास करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
