Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह में आने वाले बड़े मंगल का हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करने पर भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
2 जून को ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल मनाया जाएगा। ऐसे में भक्तों को पूजा-पाठ के साथ कुछ विशेष बातों का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि कुछ कार्य इस दिन अशुभ माने जाते हैं। आइए ख़बर में विस्तार से जानते हैं…
1. तामसिक भोजन और नशे से करें परहेज
बड़े मंगल के अवसर पर सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मांसाहार, अंडा, मछली और शराब जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्याज और लहसुन का उपयोग भी कई लोग वर्जित मानते हैं। माना जाता है कि इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करने से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
2. पूजा के समय उपयुक्त रंगों के वस्त्र पहनें
धार्मिक परंपराओं में बड़े मंगल के दिन लाल, पीले और नारंगी रंग को शुभ माना गया है। वहीं काले और सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है, विशेष रूप से पूजा-अर्चना के दौरान। मान्यता है कि शुभ रंगों के वस्त्र धारण करने से भक्त की श्रद्धा और पूजा का महत्व बढ़ता है।
3. जरूरतमंदों और बुजुर्गों का सम्मान करें
हनुमान जी को सेवा, विनम्रता और करुणा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए बड़े मंगल के दिन किसी भी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए। यदि संभव हो तो दान-पुण्य और सहायता के कार्य करने चाहिए। साथ ही बुजुर्गों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखना चाहिए।
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की आराधना, सुंदरकांड का पाठ, हनुमान चालीसा का जाप और जरूरतमंदों को भोजन कराने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भक्त इस दिन व्रत रखकर और पूजा-अर्चना करके बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 02 जून 2026
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
