मुंबई और दक्षिण गुजरात में भारी बारिश के बाद पटरियों के जलमग्न होने से सोमवार को पश्चिम रेलवे का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया। इसके कारण लंबी दूरी की 20 से अधिक ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
ट्रेन सेवाओं के निरस्त होने, उनके मार्ग में परिवर्तन तथा विलंब के कारण 40 से अधिक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसके मद्देनजर रेल प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों की सहायता के लिए राहत कार्य तेज करने के साथ ही मुंबई-अहमदाबाद मुख्य रेलमार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
वसई रोड-विरार और सफाले-पालघर रेलखंडों के बीच भारी जलभराव के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर सबसे बुरा असर पड़ा है। अपराह्न 1.50 बजे तक विरार, वाणगांव, पालघर, दहानू रोड और वलसाड जैसे स्टेशनों पर लंबी दूरी की कम से कम 22 ट्रेनों को रोक कर रखा गया था। पश्चिम रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि दिनभर में कुल 40 से अधिक ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन के मद्देनजर कम से कम 8 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया, 10 को निरस्त करना पड़ा, जबकि कई ट्रेनों को उनके तय गंतव्य से पहले के स्टेशनों पर ही समाप्त कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र के पालघर जिले में सुबह महज 2 घंटे के भीतर लगभग 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे सुबह 9 बजे तक स्थिति बेहद गंभीर हो गई। इस व्यवधान के कारण बांद्रा टर्मिनस-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रैस, मुंबई सैंट्रल-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रैस और दादर-पोरबंदर सौराष्ट्र एक्सप्रैस सहित करीब 8 प्रमुख ट्रेनें रास्ते में ही फंसी रही। वहीं, जलमग्न मार्ग पर ट्रेनों का दबाव और न बढ़े, इसके लिए अहमदाबाद, जोधपुर और भुज की ओर से आने वाली ट्रेनों को वापी और सूरत स्टेशनों पर ही रोक दिया गया।
