अम्बाला: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अम्बाला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आईसीडीपी कैथल से जुड़े आरोपी सुरेश कुमार (मैम्बर, प्रोजेक्ट टीम-कम-लेखाकार) को गिरफ्तार किया है।
आरोपी को अभियोग संख्या 06 दिनांक 31.01.2024, धारा 409, 420, 120-बी भा.द.स. तथा 7, 8, 12 व 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत गिरफ्तार किया गया। माननीय अदालत (एसीजेएम, कैथल) द्वारा आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी को दिनांक 08.04.2026 को पुनः अदालत में पेश किया जाए।
यह कार्रवाई गुरुग्राम स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज अभियोग संख्या 21 दिनांक 13.05.2023 के अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। जांच में पाया गया कि स्टालियनजीत सिंह एवं जितेन्द्र कौशिक द्वारा आईसीडीपी कैथल के माध्यम से जिला कैथल की प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (PACS) में मिलीभगत कर निम्न गुणवत्ता का सामान - जैसे कंप्यूटर उपकरण, सोलर पैनल, सीसीटीवी कैमरे, जीएसटी सॉफ्टवेयर एवं फर्नीचर - उपलब्ध कराया गया। साथ ही रिश्वत के लेन-देन के भी पुख्ता साक्ष्य सामने आए।
अब तक की कार्रवाई :-
दिनांक 31.01.2024 को आरोपी जितेन्द्र कौशिक (तत्कालीन जीएम, आईसीडीपी कैथल) को गिरफ्तार किया जा चुका है| दिनांक 14.11.2025 को विकास कुमार एवं उमेद सिंह चोपड़ा (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन टीम सदस्य) को माननीय उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेशानुसार गिरफ्तार किया गया।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
