Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय द्वारा नवप्रमाणित उद्योगों के लिए 'मानक संवाद' का आयोजन किया गया

बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय द्वारा नवप्रमाणित उद्योगों के लिए 'मानक संवाद' का आयोजन किया गया

जालंधर: भारत में गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा मानकीकरण एवं अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय (JKBO) द्वारा द माया होटल, जालंधर में अपने अधिकार क्षेत्र के नवप्रमाणित बीआईएस लाइसेंसधारकों के लिए ' मानक संवाद ' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में जालंधर क्षेत्र के 30 से अधिक नवप्रमाणित उद्योगों एवं विनिर्माण इकाइयों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्हें 18 दिसंबर 2025 से 30 जून 2026 के मध्य बीआईएस लाइसेंस प्रदान किए गए थे।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रमाणित उद्योगों को बीआईएस प्रमाणन प्रणाली से परिचित कराना तथा उन्हें बीआईएस लाइसेंसधारक के रूप में उनके दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान भारतीय मानकों का सतत अनुपालन, निगरानी निरीक्षण (Surveillance Inspection), स्कीम ऑफ इंस्पेक्शन एंड टेस्टिंग (SIT), मानक चिन्ह एवं लेबलिंग संबंधी प्रावधान, लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया, गैर-अनुरूपताओं (Non-Conformities) का निस्तारण, मानक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल सेवाएँ तथा बीआईएस द्वारा संचालित विभिन्न हितधारक सुविधा पहलों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए श्री आशीष कुमार द्विवेदी, मानक संवर्धन अधिकारी, बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय ने नवप्रमाणित लाइसेंसधारकों को भारत के गुणवत्ता अभियान का हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीआईएस लाइसेंस केवल एक वैधानिक प्रमाणन नहीं, बल्कि सुरक्षित, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के निर्माण के प्रति उद्योग की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से भारतीय मानकों का निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करने तथा देश के गुणवत्ता अवसंरचना तंत्र को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री जीवानंदम डी, वैज्ञानिक-ई एवं निदेशक एवं शाखा प्रमुख, बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय ने अपने संबोधन में कहा कि बीआईएस मानक चिन्ह (Standard Mark) देश में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता का सबसे भरोसेमंद प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में मानकीकरण उत्पाद गुणवत्ता में सुधार, उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, निर्यात को प्रोत्साहित करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा उपभोक्ता हितों की रक्षा करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नवप्रमाणित उद्योगों से आग्रह किया कि वे बीआईएस प्रमाणन को केवल एक बार प्राप्त होने वाली उपलब्धि न मानकर इसे गुणवत्ता के प्रति सतत प्रतिबद्धता के रूप में अपनाएँ तथा भारतीय मानकों एवं बीआईएस प्रमाणन की सभी आवश्यकताओं का निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने उद्योगों के साथ संवाद, उपभोक्ता जागरूकता, मानकीकरण गतिविधियों एवं गुणवत्ता संवर्धन हेतु बीआईएस द्वारा संचालित विभिन्न पहलों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एम/एस विजय साइकिल एंड स्टील इंडस्ट्रीज, जालंधर को अखिल भारतीय प्रथम बीआईएस लाइसेंस दस्तावेज का औपचारिक वितरण रहा। यह दस्तावेज श्री जीवानंदम डी द्वारा बीआईएस अधिकारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। यह सम्मान भारतीय मानकों के अनुपालन के माध्यम से उत्कृष्ट विनिर्माण को प्रोत्साहित करने तथा नवप्रमाणित उद्योगों का उत्साहवर्धन करने के प्रति बीआईएस की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।

श्री कुंदन गिरी, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक, बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय ने बीआईएस की गतिविधियों एवं राष्ट्रीय मानकीकरण पारिस्थितिकी तंत्र पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने भारतीय मानकों के निर्माण, उत्पाद प्रमाणन, हॉलमार्किंग, प्रयोगशाला परीक्षण, उपभोक्ता मामलों तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में बीआईएस की बहुआयामी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानकीकरण नवाचार, तकनीकी उन्नति, पर्यावरणीय स्थिरता, औद्योगिक विकास एवं उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देता है तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एवं गुणवत्ता-संपन्न भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

श्री वेसालापु अविनाश बाबू, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक, बीआईएस जम्मू एवं कश्मीर शाखा कार्यालय द्वारा अनुरूपता मूल्यांकन (Conformity Assessment), निगरानी आवश्यकताओं, लाइसेंस नवीनीकरण तथा गैर-अनुरूपताओं के निस्तारण पर विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को बीआईएस प्रमाणन बनाए रखने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं, निगरानी व्यवस्था, परीक्षण आवश्यकताओं, अभिलेखों के रख-रखाव, सुधारात्मक एवं निवारक कार्यवाहियों तथा स्कीम ऑफ इंस्पेक्शन एंड टेस्टिंग (SIT) के प्रभावी अनुपालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों को मानक ऑनलाइन पोर्टल (Licensee Dashboard) का लाइव प्रदर्शन भी कराया गया, जिसके माध्यम से लाइसेंस प्रबंधन, ऑनलाइन आवेदन, निगरानी अनुपालन, शुल्क भुगतान, लाइसेंस नवीनीकरण एवं बीआईएस के साथ ऑनलाइन संवाद की संपूर्ण डिजिटल प्रक्रिया को समझाया गया। साथ ही लाइसेंस नवीनीकरण हेतु शुल्क संरचना, समय-सीमा एवं निर्बाध लाइसेंस वैधता बनाए रखने की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत एक खुला संवाद (Open House Discussion) भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बीआईएस अधिकारियों से प्रमाणन प्रक्रिया, निगरानी निरीक्षण, परीक्षण आवश्यकताओं, डिजिटल सेवाओं तथा अन्य परिचालन संबंधी विषयों पर अपने प्रश्न पूछे। इस संवाद ने उद्योगों को अपने अनुभव साझा करने, व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा करने तथा महत्वपूर्ण सुझाव देने का अवसर प्रदान किया, जिससे बीआईएस एवं उद्योग जगत के मध्य सहयोगात्मक संबंध और अधिक सुदृढ़ हुए।

नवप्रमाणित लाइसेंसधारकों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों को बीआईएस की उपयोगी प्रकाशन सामग्री एवं जागरूकता साहित्य से युक्त स्वागत किट भी वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम से उन्हें बीआईएस प्रमाणन आवश्यकताओं, अनुपालन दायित्वों, निगरानी तंत्र, डिजिटल सेवाओं तथा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों की बेहतर समझ प्राप्त हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम उद्योगों को भारतीय मानकों के सतत अनुपालन, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन तथा उपभोक्ता विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dainiksaveratimes hindi