पंजाब सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अगले तीन महीने तक कई जरूरी सरकारी दस्तावेज बनवाने पर लोगों से सरकारी शुल्क और सुविधा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले का लाभ 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक मिलेगा। इस दौरान नागरिकों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और कुछ शैक्षणिक दस्तावेजों सहित कई अधिसूचित सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
एसआईआर अभियान को देखते हुए लिया फैसला
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह फैसला एसआईआर अभियान को ध्यान में रखकर लिया गया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लोगों को कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सरकार चाहती है कि दस्तावेज बनवाने के लिए लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि एसआईआर अभियान के कारण बड़ी संख्या में लोग निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने तीन महीने तक संबंधित शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है।
कौन-कौन से दस्तावेज मिलेंगे मुफ्त?
पंजाब सरकार के फैसले के तहत निर्धारित अवधि में कई महत्वपूर्ण सेवाओं पर शुल्क नहीं लिया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की डुप्लीकेट मार्कशीट या प्रमाण पत्र, 12वीं की डुप्लीकेट मार्कशीट या प्रमाण पत्र और अन्य अधिसूचित सरकारी सेवाएं शामिल हैं। इन सेवाओं पर लगने वाला सरकारी शुल्क और फैसिलिटेशन चार्ज निर्धारित अवधि में माफ रहेगा।
सेवा केंद्र और ऑनलाइन सेवाओं पर भी लागू होगा फैसला
यह सुविधा केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगी। लोगों को सेवा केंद्रों, डोरस्टेप डिलीवरी सेवाओं और ऑनलाइन सिटिजन सर्विस पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली संबंधित सेवाओं पर भी शुल्क नहीं देना होगा। इसका मतलब है कि पात्र नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार सेवा केंद्र जाकर, घर से सेवा मंगवाकर या ऑनलाइन आवेदन करके इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
पंजाब सरकार खुद उठाएगी खर्च
पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच इन सेवाओं का सरकारी शुल्क और सुविधा शुल्क माफ होने से जो वित्तीय बोझ आएगा, उसे राज्य सरकार खुद वहन करेगी। नागरिकों से इस अवधि में संबंधित सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क नहीं लिया जाएगा।
विभागों को दिए गए जरूरी निर्देश
कैबिनेट ने संबंधित प्रशासनिक विभागों को इस फैसले को लागू करने के लिए आवश्यक अधिसूचनाएं और दिशा-निर्देश जारी करने की अनुमति दे दी है। विभागों को संचालन से जुड़े जरूरी आदेश भी जारी करने होंगे, ताकि लोगों को सेवाएं लेने में किसी तरह की परेशानी न हो। पंजाब सरकार ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि तीन महीने की अवधि के दौरान यह व्यवस्था सेवा केंद्रों, डोरस्टेप सेवाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रभावी रूप से लागू हो।
लोगों को आर्थिक राहत के साथ मिलेगी सुविधा
पंजाब सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य एसआईआर अभियान के दौरान लोगों के लिए जरूरी दस्तावेज हासिल करने की प्रक्रिया आसान बनाना है। शुल्क माफ होने से नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे बिना अतिरिक्त खर्च के जरूरी प्रमाण पत्र और दस्तावेज हासिल कर सकेंगे। 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहने वाली यह व्यवस्था नागरिकों को समय पर दस्तावेज उपलब्ध कराने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगी।
