Gold-Silver Price Today: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर सोने की मांग और कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कारोबारी दिन की तुलना में सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश के कई प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब कारोबार कर रहा है।
मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ और नोएडा सहित अन्य बड़े शहरों में भी सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। बाजार में निवेशकों और खरीदारों की गतिविधियां बढ़ने से कीमतों को और समर्थन मिल रहा है।
चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट
जहां सोना मजबूत बना हुआ है, वहीं चांदी के दाम में मामूली कमजोरी देखने को मिली है। बाजार में चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम करीब 100 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद चांदी अभी भी ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही है और एक किलोग्राम चांदी का भाव लगभग 2.80 लाख रुपये के आसपास बना हुआ है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में चांदी के भाव लगभग समान स्तर पर हैं, जबकि दक्षिण भारत के कुछ बाजारों में कीमतें अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई हैं।
चांदी के आयात नियमों में बड़ा बदलाव
चांदी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ते आयात को देखते हुए सरकार और विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने चांदी के दानों और पाउडर के आयात नियमों में बदलाव किया है।
नई व्यवस्था के तहत इन उत्पादों के आयात को अब ‘फ्री’ श्रेणी से हटाकर ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि अब ज्वेलर्स, बैंकों और आयातकों को चांदी मंगाने से पहले आवश्यक सरकारी अनुमति और विशेष लाइसेंस लेना होगा।
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आगे क्या रह सकता है रुझान?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी रहती है और डॉलर में अस्थिरता जारी रहती है, तो सोने की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं चांदी के बाजार पर नए आयात नियमों का असर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखते हुए निवेश संबंधी निर्णय लें।
