महेंद्रगढ़। हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना है। बीते कुछ दिनों से लगातार बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं, आंधी-अंधड़ और हल्की बारिश-बूंदाबांदी की गतिविधियों के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
बदला मौसम, लू से मिली राहत
मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और लू से काफी राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञ एवं राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तरी राजस्थान और दक्षिणी पंजाब के आसपास चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र विकसित हुआ है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम अचानक बदल गया।
पंचकूला से करनाल तक राहत
उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला और करनाल सहित कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। दक्षिण हरियाणा में भी मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान तेज आंधी, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रभावित क्षेत्रों में नूंह, पलवल, गुरुग्राम, सोहना, नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़, कनीना, लोहारू, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, जींद, पानीपत और करनाल सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।
नौतपा में भी पारा सामान्य से कम
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, शनिवार को भी हरियाणा-एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में इस मौसम प्रणाली का प्रभाव देखने को मिलेगा। लगातार चल रही नमी वाली दक्षिण-पूर्वी हवाओं ने नौतपा के असर को काफी कमजोर कर दिया है। उन्होंने बताया कि नौतपा के छठे दिन भी दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और हीट वेव से राहत मिली है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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