शिमलाः नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले लगभग चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाने के बजाय बदले की भावना, राजनीतिक प्रतिशोध और प्रशासनिक दुरुपयोग का केंद्र बना दिया है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश अपनी शांतिप्रिय संस्कृति, लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द के लिए जाना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रदेश की पहचान को प्रतिशोध की राजनीति से जोड़ने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने सबसे पहले विकास कार्यों और जनहित के संस्थानों को बंद करने का अभियान शुरू किया। इसके बाद राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की शुरुआत हुई और आज स्थिति यह है कि जो भी व्यक्ति मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाता है या भाजपा के साथ खड़ा दिखाई देता है, उसके खिलाफ किसी न किसी प्रकार की कार्रवाई करने का प्रयास किया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत, नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना स्पष्ट जनादेश दिया। धर्मशाला नगर निगम, सोलन नगर निगम, हमीरपुर और कांगड़ा जिला परिषद सहित अनेक स्थानीय निकायों में भाजपा की जीत से कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई। जनता के इस जनादेश को स्वीकार करने के बजाय सरकार ने विजयी जनप्रतिनिधियों को परेशान करने का रास्ता चुना।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक होशियार सिंह, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी सहित अनेक भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं या जांच एजेंसियों का दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, भाजपा में शामिल हुए नेताओं, उनके परिवारों और सहयोगियों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि किसी भी प्रकार से भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले तैयार किए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा के जिला परिषद सदस्यों, पंचायत प्रधानों, नगर निकाय प्रतिनिधियों और पार्षदों को भी चुनाव जीतने के बाद विभिन्न प्रकार के नोटिस देकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को सम्मान देने के बजाय उन्हें प्रताड़ित करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंत में जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को दबाकर, झूठे मुकदमे दर्ज कराकर और प्रशासन का दुरुपयोग करके जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। कांग्रेस सरकार को अपने शेष कार्यकाल में प्रतिशोध की राजनीति छोड़कर जनता के हित में काम करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो 2027 के विधानसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी और भाजपा को स्पष्ट जनादेश देगी।
Location: शिमला (शिमला)

