जालंधर: शहर के मन्नत अस्पताल में गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी भावना पिछले पांच माह से गर्भवती थी और शुरुआत से ही मन्नत अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे फुटबॉल चौक स्थित सेंटर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित कर दिया।

मरीज की जेठानी अमनदीप कौर ने बताया कि दो दिन पहले महिला को पेट में दर्द होने पर परिजन उसे मन्नत अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि डॉक्टरों ने महिला को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद कुछ समय तक उसकी हालत सामान्य रही और उसे घर भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और वह पूरी रात दर्द से तड़पती रही। अगले दिन सुबह उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से तत्काल इलाज की मांग की, लेकिन समय पर उपचार नहीं किया गया। बाद में करीब 11 बजे महिला को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच अधिकारी ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला तीन दिन पहले उपचार के लिए अस्पताल आई थी। डॉक्टर ने उसे अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा था, जहां रिपोर्ट में शिशु की धड़कन नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद महिला को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि हुई।
वहीं, महिला को इंजेक्शन लगाए जाने के संबंध में डॉक्टर का कहना है कि खून का बहाव होने के कारण आवश्यक इंजेक्शन लगाया गया था। जांच अधिकारी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

