Case of misdeed at police station is false : कुरुक्षेत्र। एसआईटी ने लाडवा पुलिस पर लगे कुकर्म करने के आरोपों को झूठा करार दिया है। एक युवक के उस रिपोर्ट को भी गलत ठहराया, जिसमें उसने अपने आप को कैंसर रोगी बताया था।
लाडवा कुकर्म मामले में बड़ा खुलासा
उल्लेखनीय है कि लाडवा थाना पुलिस पर एक युवक की ओर से कुकर्म करने के आरोप लगाए थे। यही नहीं आरोपित के कैंसर पीड़ित होने की बात भी जांच में झूठी निकली है। इस मामले में गठित एसआइटी की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने इस बात का राजफाश किया। एसआइटी ने 15 दिन में लगभग सारी जांच पूरी कर ली है। पूरी जांच साइंटिफिक तरीके से की गई है। उन्होंने बताया कि युवक द्वारा लगाए संगीन आरोप साबित नहीं हुए हैं।
एसआईटी जांच में आरोपों की नहीं हुई पुष्टि
शिकायतकर्ता युवक कैंसर का मरीज नहीं है, इस संबंध में पीजीआइ से भी वेरीफाई किया गया है और ना ही उसकी कोई कीमोथेरेपी हुई है। युवक के साथ कुकर्म की बात भी साबित नहीं हुई। एसआइटी की ओर से स्वैब, कपड़ों की डीएनए जांच कराई। जांच के बाद कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई। मामले की सही जांच के लिए पुलिस कर्मचारियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट भी करवाया गया है। युवक ने लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने के इन्कार कर दिया था। इससे पहले शिकायत करने वाले युवक ने बोर्ड से मेडिकल करवाने से भी मना कर दिया था।
मेडिकल रिपोर्ट आई सामने
उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की जांच में शिकायतकर्ता युवक को क्रानिक एनल फिशर है जिसके कारण उसे ब्लीडिंग हुई है। एसपी चंद्र मोहन ने बताया कि पुलिस स्टेशन लाडवा में एक शिकायतकर्ता युवक ने पुलिस कर्मचारियों पर आरोप लगाए थे कि वह कैंसर से पीड़ित है। उसके साथ पुलिस कर्मचारियों द्वारा मारपीट की गई। उसने कुकर्म करने के भी आरोप लगाए थे। आरोपित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और पुलिस उप अधीक्षक निर्मल सिंह के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया। इसके साथ आरोपित कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
बहादुरगढ़ एनकाउंटर : जिम संचालक हत्या में परिजन बोले- पुलिस का एनकाउंटर फर्जी
बरसेंगे बादल, मिलेगी राहत : इन 7 जिलों में भारी बारिश के आसार
हिसार में कसा शिकंजा : दो होटलों पर छापा, 18 महिलाएं रेस्क्यू
अब अकेला नहीं चानौत, पानी के लिए 24 गांव मैदान में, बड़े आंदोलन की चेतावनी
