क्या आपने कभी रसोई में छिपकली देखकर यह सोचा है कि कहीं यह खाने को छू न ले? हमारे घरों में यह धारणा काफी आम है कि अगर छिपकली खाना छू ले तो वह जहरीला हो जाता है। लेकिन क्या यह सच है या फिर सिर्फ एक डर?
सच्चाई थोड़ी अलग है और उसे समझना जरूरी है।
छिपकली जहरीली होती है या नहीं
घर में दिखने वाली आम छिपकलियां खुद ज़हरीली नहीं होतीं। वे इंसानों को काटकर जहर नहीं फैलातीं और उनके शरीर में ऐसा कोई विष नहीं होता जो सीधे खाने को "जहरीला" बना दे। यानी अगर सिर्फ छूने की बात करें तो छिपकली का स्पर्श अपने आप खाने को जहर में नहीं बदल देता।
फिर खतरा कहां से आता है
असल समस्या छिपकली के शरीर से नहीं बल्कि उसके द्वारा फैलाए जा सकने वाले बैक्टीरिया से होती है। छिपकली जहां-तहां घूमती है- दीवारों छत और कई बार गंदगी वाले हिस्सों पर भी। ऐसे में उसके शरीर या मल के जरिए खाने पर कीटाणु आ सकते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे खाने के लिए असुरक्षित मानते हैं।
मल या लार मिल जाए तो क्या होता है
अगर खाने में छिपकली का मल (droppings) या लार मिल जाए तो फूड कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे उल्टी, दस्त या फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इसलिए यह सिर्फ डर नहीं, बल्कि साफ-सफाई से जुड़ा वास्तविक जोखिम है।
क्या सिर्फ छूने से ही खाना खराब हो जाता है
अगर छिपकली बस हल्के से छूकर निकल गई और कोई गंदगी या निशान नहीं है तो तुरंत "जहर" बनने जैसी बात सही नहीं है। लेकिन क्योंकि यह साफ नहीं होता कि उसने क्या छोड़ा है इसलिए ऐसे खाने को सावधानी के तौर पर न खाना ही बेहतर माना जाता है।
घर में इससे कैसे बचें
रसोई को साफ रखना और खाने को हमेशा ढककर रखना सबसे जरूरी है।
जहां छिपकली ज्यादा आती हैं वहां खिड़कियों पर जाली लगाना दीवारों को साफ रखना और कीड़ों को कम करना मददगार हो सकता है क्योंकि छिपकली अक्सर कीड़े खाने के लिए ही घर में आती हैं।
क्या यह सिर्फ एक मिथ है?
यह कहना कि छिपकली के छूते ही खाना "जहरीला" बन जाता है पूरी तरह सही नहीं है। लेकिन यह भी सच है कि उससे संक्रमण फैल सकता है इसलिए इस धारणा के पीछे कुछ हद तक सावधानी का कारण जरूर है। छिपकली खुद जहरीली नहीं होती लेकिन उसके संपर्क से खाना असुरक्षित हो सकता है। इसलिए अगर आपको लगता है कि खाने को छिपकली ने छुआ है तो बेहतर है उसे न खाएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
