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मंडी की पेयजल और सीवरेज व्यवस्था होगी हाईटेक: मुकेश अग्निहोत्री

मंडी की पेयजल और सीवरेज व्यवस्था होगी हाईटेक: मुकेश अग्निहोत्री

शिमला: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने तथा जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार नई तकनीक और डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा दे रही है।

इसी दिशा में मंडी शहर में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा सितंबर माह में हिम जलदूत मंडी मोबाइल ऐप लॉन्च की जाएगी। यह ऐप नगर निगम मंडी के 13 वार्डों के करीब 10,900 उपभोक्ताओं को डिजिटल रूप से जोड़ेगा।

मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी के सर्किट हाउस में जल शक्ति विभाग के उच्च अधिकारियों से जिला में जल शक्ति विभाग की विभिन्न नई एवं उन्नयन योजनाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का विशेष ध्यान लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने के साथ-साथ जलापूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निवारण सुनिश्चित करने पर है। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ विभागीय कार्यप्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि 'हिम जलदूत मंडी' ऐप इसी सोच का परिणाम है। बरसात का मौसम समाप्त होते ही इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जाएगा। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति, पानी की गुणवत्ता, लीकेज, सीवरेज तथा शिकायतों से संबंधित जानकारी और सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उद्देश्य केवल शिकायतों को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि पूरी जलापूर्ति व्यवस्था को उपभोक्ता-केंद्रित और जवाबदेह बनाना है। मंडी में लागू होने वाली यह व्यवस्था भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी मॉडल साबित हो सकती है।

पानी की गुणवत्ता का लाइव स्टेटस
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐप की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषताओं में से एक पेयजल की गुणवत्ता का लाइव स्टेटस है। उपभोक्ता घर बैठे पानी में क्लोरीन की मात्रा, पीएच वैल्यू तथा टर्बिडिटी (पानी का धुंधलापन) की स्थिति देख सकेंगे। इससे पेयजल की गुणवत्ता पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी और उपभोक्ताओं को भी अपने क्षेत्र में उपलब्ध पानी की गुणवत्ता की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकेगी।

पानी की सप्लाई का शेड्यूल और लाइव जानकारी
ऐप के माध्यम से उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र में पानी की सप्लाई का शेड्यूल और वर्तमान स्थिति भी उपलब्ध होगी। पानी की आपूर्ति से जुड़े महत्त्वपूर्ण अपडेट और आवश्यक सूचनाएं मोबाइल नोटिफिकेशन के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाएंगी।

जियो-टैगिंग से शिकायतों का त्वरित समाधान
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पानी की पाइपलाइन टूटने, लीकेज अथवा सीवरेज की समस्या सामने आने पर उपभोक्ता ऐप के माध्यम से फोटो के साथ जियो-टैग लोकेशन भेजकर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। इससे विभागीय कर्मचारियों को समस्या की सटीक लोकेशन पता चलेगी और संबंधित जल रक्षक मौके पर पहुंचकर शिकायत अथवा समस्या का समाधान कर सकेंगे। उपभोक्ता अपनी शिकायत का लाइव स्टेटस भी देख सकेंगे कि शिकायत निवारण के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और निवारण किस स्तर पर पहुंचा है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

जल रक्षकों और स्लूस वाल्व की ऑनलाइन निगरानी
ऐप में जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। उच्च अधिकारी ऑनलाइन यह देख सकेंगे कि संबंधित टैंक में पानी की उपलब्धता की क्या स्थिति है। जल रक्षक जब पानी की आपूर्ति के लिए स्लूस वाल्व पर पहुंचेगा तो ऐप उसकी तथा संबंधित वाल्व की जियो लोकेशन का स्वतः सत्यापन करेगी।

यदि जल रक्षक निर्धारित स्लूस वाल्व की लोकेशन पर मौजूद नहीं होगा तो ऐप पर वाल्व खोलने का स्टेटस दर्ज नहीं किया जा सकेगा। वाल्व खोलने के बाद ही संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पानी छोड़े जाने की सूचना प्राप्त होगी। इससे जल वितरण व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।

ढांगसीधार और कांगनीधार जल स्रोतों से जुड़ेगा सिस्टम
जल शक्ति विभाग के अनुसार ऐप में मंडी शहर के प्रमुख जल स्रोतों ढांगसीधार और कांगनीधार को जोड़ा गया है। इन मुख्य स्रोतों से मंडी शहर में स्थापित अन्य करीब 20 टैंकों को पानी की आपूर्ति की जाती है। इससे जल स्रोत से लेकर टैंक और फिर उपभोक्ता तक पानी की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी को डिजिटल माध्यम से बेहतर बनाया जा सकेगा।

आम नागरिक भी कर सकेंगे शिकायत
सुंदरनगर सर्किल के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि ऐप की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि इसे पंजीकृत उपभोक्ताओं के अलावा 'गेस्ट यूजर' के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। सभी नागरिक सड़क या सार्वजनिक स्थान पर पानी की बर्बादी, पाइपलाइन लीकेज अथवा सीवरेज से संबंधित समस्या की स्थिति में फोटो और लोकेशन के साथ ऐप पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

Location: शिमला (शिमला)

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