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Mesh Sankranti 2026: इस दिन मनाई जाएगी मेष संक्रांति, जानें पूजा विधि और महत्व

Mesh Sankranti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब मेष संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिष में सूर्य को सभी ग्रहों का अधिपति माना गया है और मेष राशि में उनका प्रवेश विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनकी उच्च राशि मानी जाती है।

इसी दिन से खरमास की समाप्ति भी हो जाती है और विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत फिर से होने लगती है।

कब मनाई जाएगी मेष संक्रांति?

वर्ष 2026 में मेष संक्रांति 14 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन पुण्य काल सुबह 6:22 बजे से दोपहर 1:50 बजे तक रहेगा। वहीं विशेष महत्त्व वाला महा पुण्य काल सुबह 7:33 बजे से 11:44 बजे तक माना गया है। इस समय के दौरान किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।

इस दिन क्या करें?

दान का महत्व
मेष संक्रांति पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इस दिन अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही गेहूं, हल्दी, पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़, तिल, सत्तू और पानी से भरे घड़े का दान करना भी लाभकारी माना जाता है। इन चीजों का दान जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है।

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पवित्र स्नान
इस अवसर पर गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि ऐसा संभव न हो तो घर पर ही स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति के पापों का क्षय होता है।

सूर्य देव की पूजा

–मेष संक्रांति के दिन सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व है। प्रातःकाल स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए।

–तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल फूल और कुमकुम डालकर अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होती है।

–साथ ही "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र का जप करना भी शुभ माना गया है।

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धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

मेष संक्रांति को सूर्य के एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। यह समय नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। इस दिन किए गए दान, जप और पूजा-पाठ का विशेष पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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