न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 28 मई को 'वैश्विक शासन मित्र समूह' की बैठक आयोजित की गई, जिसमें चीन, पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान, क्यूबा और जिम्बाब्वे के विदेश मंत्रियों सहित 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मुख्य भाषण दिया और समूह की स्थापना के बाद से वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार और उसे अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सदस्य देशों के बीच बनी पांच प्रमुख सहमतियां प्रस्तुत कीं।
अपने भाषण में वांग यी ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पिछले सितंबर में वैश्विक शासन पहल का प्रस्ताव रखा था,जिसमें उन्होंने संप्रभु समानता,अंतरराष्ट्रीय कानून का शासन,बहुपक्षवाद,जन-केंद्रितता और कार्रवाई-उन्मुख दृष्टिकोण समेत पांच प्रमुख अवधारणाओं पर जोर दिया था। वर्तमान में, इस पहल को लगभग 160 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन और प्रतिक्रिया मिली है। न्यूयॉर्क,जिनेवा और वियना में “वैश्विक शासन मित्र समूह” की स्थापना की गई है,जिसमें 60 से अधिक सदस्य देश हैं।
वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि चीन वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और उसे बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित नौ दिशा-निर्देश प्रस्तावित करता है: पहला, संयुक्त राष्ट्र के सुधार और दक्षता को बढ़ावा देना।दूसरा,सुरक्षा परिषद के अधिकार और क्षमता को बढ़ाना।तीसरा,समय के साथ तालमेल बिठाते हुए शांति रक्षा अभियानों को बढ़ावा देना।चौथा,विकास में तेजी लाने पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना।पांचवां,अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार शासन की दिशा को सही करना। छठा,आर्थिक और वित्तीय प्रणाली में सुधार को गहरा करना।सातवां,कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रबंधन के लिए नियम स्थापित करना।आठवां,साइबरस्पेस और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों में शासन को मजबूत करना,और नौवां,सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हुए समावेशिता और आपसी सीख प्राप्त करना।
इसके अलावा, बैठक में वांग यी ने “वैश्विक शासन मित्र समूह” की स्थापना के बाद से वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार और उसे अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सदस्य देशों के बीच बनी पांच प्रमुख सहमतियां प्रस्तुत कीं।
पहला, सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लोकतंत्रीकरण की वकालत करते हैं, उनका मानना है कि सभी देशों को, चाहे उनका आकार, शक्ति या धन कुछ भी हो, अपनी सामाजिक व्यवस्था और विकास पथ को स्वतंत्र रूप से चुनने का अधिकार है, और उन्हें वैश्विक शासन प्रक्रिया में समान रूप से भाग लेना चाहिए, निर्णय लेने चाहिए और लाभ प्राप्त करना चाहिए।
दूसरा, सभी पक्षसंयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने, अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों के समान और एकसमान अनुप्रयोग को सुनिश्चित करने और दोहरे मापदंडों तथा दूसरों पर नियम थोपने का विरोध करने की वकालत करते हैं।
तीसरा, सभी पक्ष संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को बनाए रखने,बहुपक्षवाद का अभ्यास करने,बहुपक्षीय तंत्रों को मजबूत करने और एकतरफावाद व शक्ति राजनीति का विरोध करने की वकालत करते हैं।
चौथा, सभी पक्ष सुधारों के माध्यम से वैश्विक शासन में सुधार करने,उत्तर-दक्षिण विभाजन को धीरे-धीरे कम करने,यह सुनिश्चित करने की वकालत करते हैं कि विकास के फल सभी लोगों को मिलें और कोई भी देश पीछे न छूटे।
पांचवां, सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए सबसे चिंता वाले महत्वपूर्ण व्यावहारिक मुद्दों को हल करने, दृश्यमान परिणाम प्राप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने की वकालत करते हैं कि वैश्विक शासन समय और लोगों की कसौटी पर खरा उतर सके।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी के अनुसार, इस शरद ऋतु में,चीन “श्योंगआन विश्व शासन मंच” की मेजबानी करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्योंगआन न्यू एरिया,जो “भविष्य का शहर” है,में चीन वैश्विक शासन में सुधार और उसे बेहतर बनाने की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करेगा।
बैठक में सहभागी देशों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक शासन पहल की अत्यधिक प्रशंसा और समर्थन किया, और अधिक न्यायपूर्ण एवं समान वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने के लिए “वैश्विक शासन मित्र समूह” के ढांचे के भीतर एकजुटता और सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद जताई।इसके साथ ही, “वैश्विक शासन मित्र समूह” की बैठक का एक संयुक्त विज्ञप्ति भी जारी की गई।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
