नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है, बता दे कि आज केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जम्मू तवी से श्रीनगर के बीच चलने वाली अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह सेवा आम यात्रियों के लिए 2 मई से शुरू होगी। इस मौके पर उमर अब्दुल्ला और जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
यात्रा में आएगी बड़ी राहत
जम्मू और श्रीनगर के बीच शुरू हुई यह सीधी ट्रेन सेवा न सिर्फ सफर को तेज और आरामदायक बनाएगी, बल्कि खराब मौसम में भी एक भरोसेमंद विकल्प साबित होगी। अब तक भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कई बार बंद हो जाता था, जिससे कश्मीर घाटी का संपर्क प्रभावित होता था। नई रेल सेवा से यह समस्या काफी हद तक कम होगी।
दशकों पुराना सपना हुआ साकार
कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से रेल मार्ग के जरिए जोड़ने की योजना करीब 70 साल पुरानी थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। करीब 43,780 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रूट में 36 लंबी सुरंगें (करीब 119 किलोमीटर) और 943 पुल शामिल हैं, जो इसे दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट्स में शामिल करते हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत
20 कोच वाली यह वंदे भारत ट्रेन 267 किलोमीटर का सफर तय करेगी और सप्ताह में 6 दिन (मंगलवार को छोड़कर) चलेगी। इसमें स्वदेशी 'कवच' सुरक्षा प्रणाली, जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम और आरामदायक रोटेटिंग सीटों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जो यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएंगी।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
इस रेल सेवा के शुरू होने से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पाद खासकर कश्मीरी फलों की देशभर में आपूर्ति आसान होगी। छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जम्मू तवी रेलवे स्टेशन, कटरा रेलवे स्टेशन, उधमपुर रेलवे स्टेशन और बडगाम रेलवे स्टेशन को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत आधुनिक रूप दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह परियोजना न केवल एक परिवहन सुविधा है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास और देश के साथ इसके मजबूत जुड़ाव की दिशा में एक बड़ा कदम भी मानी जा रही है।
