नई दिल्ली [भारत भारतीय रेलवे ने पश्चिमी रेलवे में अपने संचार इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए एक अहम प्रोजेक्ट मंज़ूर किया है। इसके तहत अहमदाबाद और रतलाम डिवीजनों में 4×48 ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बैकबोन लगाने की मंज़ूरी दी गई है, जिस पर कुल 398.36 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इस प्रोजेक्ट को “भारतीय रेलवे के बाकी बचे रूटों पर लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (LTE) के संचार बैकबोन के साथ ‘कवच’ की व्यवस्था (अम्ब्रेला वर्क 2024-25)” नाम के अम्ब्रेला वर्क के तहत मंज़ूर किया गया है। इस अम्ब्रेला वर्क के लिए ‘वर्क्स प्रोग्राम 2024-25 (PH-33)’ के तहत कुल 27,693 करोड़ रुपये की लागत मंज़ूर की गई है। पश्चिमी रेलवे के लिए भी 2,800 करोड़ रुपये की लागत से एक सब-अम्ब्रेला वर्क मंज़ूर किया गया है, जिसके तहत इस प्रोजेक्ट को हाथ में लिया गया है।
मंज़ूर किए गए काम के हिस्से के तौर पर, पश्चिमी रेलवे में 1929 रूट किलोमीटर (RKm) में 2×48 फाइबर वाली OFC केबल लगाई जाएंगी। इसमें अहमदाबाद डिवीजन में 1456 RKm और रतलाम डिवीजन में 473 RKm शामिल हैं।
संचार बैकबोन में इस अहम बढ़ोतरी से रेलवे संचार प्रणालियों की क्षमता, विश्वसनीयता और कार्यक्षमता बढ़ेगी। यह आधुनिक सिग्नलिंग प्रणालियों को भी सपोर्ट करेगा, जिसमें ‘कवच’ को लागू करना भी शामिल है, जिससे पूरे नेटवर्क में डेटा का बिना किसी रुकावट के ट्रांसमिशन हो सकेगा।
यह पहल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, सुरक्षा बढ़ाने और डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और कदम है। इससे यात्रियों और माल ढुलाई के कामों के लिए बेहतर परिचालन क्षमता और बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।
