अमृतसर: पंजाब सरकार के 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत आज डिप्टी कमिश्नर अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक परिसर में जिला प्रशासन के अधिकारियों और नशा मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से नशों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने संबंधी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में माझा जोन के इंचार्ज श्री दीक्षित धवन तथा नशा मुक्ति मोर्चा के अन्य प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने ओट्स (OATS) सेंटरों में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समय-समय पर निरीक्षण और जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि इन दवाइयों का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग न हो तथा इनका उपयोग पूरी तरह नियमों के अनुसार किया जाए।
उन्होंने मेडिकल नशों की अवैध बिक्री पर भी कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने और अवैध रूप से नशीली दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि नशों के अवैध कारोबार पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।
इस अवसर पर माझा जोन इंचार्ज श्री दीक्षित धवन ने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा के स्वयंसेवक विलेज और वार्ड डिफेंस कमेटियों के सहयोग से पूरी लगन के साथ इस अभियान में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की ओर से भी इस अभियान को भरपूर समर्थन मिल रहा है और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एवं अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्री सुरिंदर कुमार, ए.डी.सी.पी. हेडक्वार्टर मैडम पलविंदर, विभिन्न क्षेत्रों के नोडल अधिकारी, सिविल सर्जन अमृतसर, जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टरों के अलावा नशा मुक्ति मोर्चा की ओर से श्री हानी नाहर और श्री रणजीत सिंह भी उपस्थित थे।
Location: Amritsar (Amritsar)

