Thursday, 14 Jun, 8.43 am

दिल्ली
मंत्रिपरिषद की बैठक : आखिरी साल में पिछड़े जिलों पर खुद को फोकस करेगी मोदी सरकार


नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार द्वारा पिछले चार साल के दौरान कार्यान्वित महत्वाकांक्षी योजनाओं की बुधवार को समीक्षा की तथा लाभार्थियों की शिकायतों के जल्द समाधान पर बल दिया. सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं पर बुधवार शाम यहां मंत्रिपरिषद के समक्ष एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया गया. इन योजनाओं में मुद्रा योजना, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना और डिजिटल इंडिया शामिल हैं. मंत्रिपरिषद की बैठक में यह तय किया गया कि पिछड़े जिलों में इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जहां से लोगों के असंतोष की शिकायतें आ रही हैं.

विचार विमर्श की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री की राय थी कि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी होनी चाहिए. सूत्रों ने कहा कि मोदी का मानना ​​था कि सख्त समीक्षा से कमियों की पहचान करने में मदद मिलती है और लाभार्थियों और जमीनी स्तर के अधिकारियों को अंतिम उत्पाद को बेहतर बनाने के तरीकों का सुझाव देने का मौका मिलता है.

प्रधानमंत्री ने ग्रामीण जनसंख्या को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने अक्सर जिक्र किया है कि मंत्री, सांसद और विधायक योजनाओं को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए सबसे अच्छे वाहक हैं. बैठक में ग्राम स्वराज अभियान के बारे में भी जानकारी दी गयी जिसे बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि के तौर पर 14 अप्रैल से पांच मई तक 16,850 गांवों में निर्धनतम लोगों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू किया गया आंदोलन कहा गया है.

्रग्राम स्वराज अभियान के 21 दिनों के दौरान 7.53 लाख उज्ज्वला कनेक्शन बांटे गए , सौभाग्य योजना के तहत 5,02,434 घरों को विद्युतीकृत किया गया , 25.03 लाख एलइडी बल्ब 16,682 गांवों में वितरित किए गए, इंद्रधनुष मिशन के तहत 1,64,398 बच्चों और 42,762 महिलाओं का टीकाकरण किया गया. 14 अप्रैल से पांच मई तक 20,53,599 जनधन लाभार्थियों को जोड़ा गया, 16,14,388 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना लाभार्थियों को जोड़ा गया और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 26,10,506 लाभार्थियों को शामिल किया गया.

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