Tuesday, 19 Nov, 10.43 am दिल्ली

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नाराज शिवसेना ने BJP पर फिर बोला हमला, 'सामना' में लिखा- हमें NDA से निकालने वाले आप कौन?

मुंबईः महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू है. राज्य में सरकार गठन को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. सियासत की गेंद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के खेमें में घूम रही है मगर नतीजा नहीं निकल रहा. इस दौरान भाजपा के सहयोगी रहे शिवसेना का हमला जारी है. शिवसेना बीजेपी पर लगातार निशाने साध रही है.

शिवसेना ने मंगलवार को अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में बीजेपी नेताओं पर फिर से हमला बोला है. शिवसेना ने भाजपा नेताओं से पूछा है कि हमें एनडीए से निकालने वाले आप कौन हो? पार्टी ने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं की बयानबाजी से साफ हो गया है कि इनके विचारों की खुजली बाहर आ गयी है. शिवसेना ने कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में से शिवसेना के नहीं होने की घोषणा की गयी.

दिल्ली के बीजेपी नेताओं ने किस आधार पर और किसकी अनुमति से यह घोषणा की? दिल्ली के मोदी मंत्रिमंडल में से किसी एक प्रह्लाद जोशी ने यह घोषणा की है कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस से शिवसेना के संबंध जुड़ने के कारण उन्हें एनडी ' से बाहर निकाल दिया गया है और उनके सांसदों को संसद में विरोधी पक्ष में बैठाया गया है.

शिवसेना ने कहा कि जिस टेढ़े मुंहवाले ने ये घोषणा की है उसे शिवसेना का मर्म और 'एनडीए' का कर्म-धर्म नहीं पता. साथ ही भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हमारा सामना करने की हिम्मत हो तो मैदान में उतरो, शिवसेना तैयार है. सामना में आगे लिखा है- एनडीए से शिवसेना को बाहर निकालने की बात करनेवालों को एक बार इतिहास समझ लेना चाहिए. बालासाहेब ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडीस और पंजाब के बादल जैसे दिग्गजों ने जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नींव रखी उस समय आज के 'दिल्लीश्वर' गुदड़ी में भी नहीं रहे होंगे.

कइयों का तो जन्म भी नहीं हुआ होगा. आज 'एनडीए' का प्रमुख या नियंत्रक कौन है इसका उत्तर मिलेगा क्या? शिवसेना को बाहर निकालने का निर्णय किस बैठक में और किस आधार पर लिया गया? शिवसेना ने आगे लिखा कि कोई एक टेढ़े मुंहवाला उठता है और शिवसेना के 'एनडीए' से बाहर निकालने की घोषणा करता है.

ठीक ही हुआ, इस कृत्य से तुम्हारे विचारों की खुजली आज बाहर आ गई. पिछले कुछ दिनों से झूठ-मूठ की खुजली शुरू थी. उसके पीछे की असली बीमारी अब बाहर आई. इन खुजलीबाजों को शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के सातवें स्मृतिदिन का मुहूर्त मिला. ये अहंकारी और मनमानी राजनीति के अंत की शुरुआत है. इस शब्द का प्रयोग आज हम जान-बूझकर कर रहे हैं.

छत्रपति शिवराय के महाराष्ट्र से लिया गया पंगा तुम्हारा तंबू उखाड़े बिना नहीं रहेगा. इस निमित्त से पंगा लेनेवालों को हम ये वचन दे रहे हैं. महाराष्ट्र उठता नहीं और उठ गया तो चुप नहीं बैठता. महाराष्ट्र के कोने-कोने में सिर्फ एक ही गर्जना होगी, शिवसेना जिंदाबाद. हिम्मत है तो आओ सामने. हम तैयार हैं.

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