Dailyhunt
ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराया, 'स्थायी समाधान' के लिए 10-सूत्रीय योजना पेश की

ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराया, 'स्थायी समाधान' के लिए 10-सूत्रीय योजना पेश की

तेहरान। ईरान ने अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह संघर्ष का स्थायी अंत चाहता है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरान ने इसके जवाब में 10 बिंदुओं का एक दस्तावेज़ पेश किया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ईरान ने अपने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि वह सिर्फ युद्धविराम (सीजफायर) को स्वीकार नहीं करेगा। इस जवाब में ईरान की कई मांगें रखी गई हैं, जैसे क्षेत्रीय संघर्षों को खत्म करना, होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना, युद्ध से प्रभावित इलाकों का पुनर्निर्माण करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाना।

आईआरएनए ने बताया कि यह प्रस्ताव ऐसे समय में दिया गया, जब ईरान के पश्चिमी और मध्य इलाकों में हालात बदले हैं और अमेरिका का एक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन सफल नहीं रहा। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले तय की गई समय सीमा को फिर बढ़ा दिया और अपने पुराने रुख में कुछ बदलाव किया।

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने ईरान के 10 बिंदुओं वाले जवाब को "एक अहम कदम" बताया, लेकिन कहा कि यह "पर्याप्त नहीं है।"

सोमवार को ही ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि सीज़फ़ायर से विरोधियों को सिर्फ़ फिर से संगठित होने और और ज़्यादा अपराध करने का समय मिल जाएगा, और "कोई भी समझदार" व्यक्ति इसे स्वीकार नहीं करेगा।

मार्च के आखिर में अमेरिकी मीडिया ने खबर दी थी कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा था, ताकि युद्ध खत्म किया जा सके। बाद में ईरान ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया कि यह "ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बनाया गया है और जमीनी हकीकत से जुड़ा नहीं है।"

ईरान ने शांति के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। इनमें अमेरिका और इजराइल के हमलों को रोकना, भविष्य में हमले रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाना, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करना, पश्चिम एशिया में सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करना और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देना शामिल है।

28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमला किया था। इस हमले में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और आम नागरिक मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में इजराइल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Deshbandhu