Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
राहुल गांधी ने कहा- सीबीएसई चेयरमैन व सचिव को हटाना जवाबदेही नहीं, शिक्षा मंत्री को बचाने का कवर अप है

राहुल गांधी ने कहा- सीबीएसई चेयरमैन व सचिव को हटाना जवाबदेही नहीं, शिक्षा मंत्री को बचाने का कवर अप है

ई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं परीक्षा के मूल्यांकन में 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) को लेकर उपजा विवाद अब देश का सबसे बड़ा सियासी और प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है।

बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कड़े निर्देश पर सरकार ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया।

इस प्रशासनिक फेरबदल के तुरंत बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे 'कवर-अप' (मामले को दबाने की कवायद) करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे अधिकारियों पर गाज गिराकर असल दोषी, यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी का सरकार पर हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर हिंदी में पोस्ट कर सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इस कार्रवाई को महज एक दिखावा बताते हुए लिखा कि "सीबीएसई चेयरमैन - हटाए गए। सीबीएसई सचिव - हटाए गए। एक सदस्यीय जांच समिति गठित। और असली दोषी धर्मेंद्र प्रधान सुरक्षित। अधिकारियों को हटाया गया। मंत्री को बचाया गया। यह जवाबदेही नहीं है। यह कवर-अप है।"

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी को सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए 18.5 लाख छात्रों के भविष्य की जरा भी परवाह होती, तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बहुत पहले ही पद से हटा दिया गया होता। उन्होंने साफ किया कि विपक्ष की मांग आज भी वही है- "शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए और पूरे मामले की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।"

PMO के निर्देश पर हुआ बड़ा एक्शन

यह पूरी कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के जरिए 12वीं के छात्रों के मूल्यांकन में भारी अनियमितताओं की बात सामने आई। इस गड़बड़ी ने लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया था। पीएमओ की सक्रियता: सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस मूल्यांकन विवाद और टेंडर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी पर सोमवार को ही एक उच्च स्तरीय रिपोर्ट तलब की थी। सोमवार देर रात यह रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी गई, जिसके बाद मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई देखने को मिली।

भले ही इस घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान होना बाकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए फिलहाल बोर्ड का चेहरा बने हुए चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को पद से हटाकर कोई भी राहत न देने का फैसला किया गया।

नए चेहरों को कमान

सरकार ने बोर्ड के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए तुरंत नई नियुक्तियों का भी एलान कर दिया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, इंडियन इन्फॉर्मेशन सर्विस (IIS) के अधिकारी वरुण भारद्वाज को बोर्ड के नए सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एस. राधा चौहान कमेटी गठित

मूल्यांकन में गड़बड़ी के साथ-साथ ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से जुड़े टेंडर आवंटन मामले की गहराई से जांच करने के लिए सरकार ने एक सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस जांच का जिम्मा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी एस. राधा चौहान को सौंपा गया है। उन्हें इस पूरे टेंडर विवाद और तकनीकी खामियों की जांच कर एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। अब देखना यह है कि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद क्या विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्रालय पर भी कोई आंच आती है या नहीं।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Deshbandhu