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पश्चिम बंगाल में लागू हो रहा महाराष्ट्र का 'शिवसेना मॉडल', टीएमसी में होगा बड़ा विद्रोह: रिजू दत्ता

पश्चिम बंगाल में लागू हो रहा महाराष्ट्र का 'शिवसेना मॉडल', टीएमसी में होगा बड़ा विद्रोह: रिजू दत्ता

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने पार्टी में चल रहे अंदरूनी संकट के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदार बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी नहीं हुई तो कार्यकर्ता भी पार्टी के साथ नहीं खड़े होंगे।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने कहा, "पार्टी बस एक पोस्टर बनकर रह जाएगी। सिर्फ दीदी (ममता बनर्जी), अभिषेक बनर्जी और मुट्ठी भर पुराने विधायक उनके वफादार ही आने वाले दिनों में पार्टी में बचेंगे।"

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हस्ताक्षर जालसाजी के मामले को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ने से इनकार किया था, लेकिन पार्टी के भीतर गहरा असंतोष मौजूद है।

ऋतब्रत बनर्जी (ऋतब्रत बंदोपाध्याय) और संदीपान साहा के पार्टी से निकाले जाने पर रिजू दत्ता ने कहा कि इन दोनों विधायकों ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर दावा किया था कि उनके हस्ताक्षर जाली है। इस शिकायत के आधार पर जांच चल रही है।

उन्होंने आगे बताया, "मुझे खबर मिली कि ऋतब्रत बंदोपाध्याय की अगुवाई में करीब 50 टीएमसी विधायक एक होटल में मिले। उन्होंने फोन पर चर्चा की और शाम को हॉस्टल में भी बैठक की। जल्द ही ये लोग एकजुट होकर स्पीकर के पास जाएंगे और तीन प्रमुख मुद्दे उठाएंगे। पहला, हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। दूसरा, विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंदोपाध्याय होंगे, न कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय। इसके साथ ही तीसरा चुनाव चिह्न हमारा होना चाहिए।"

रिजू दत्ता ने इसे महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन वाले मॉडल से जोड़ते हुए कहा, "बंगाल में अभी शिवसेना मॉडल लागू हो रहा है।"

उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। रिजू ने कहा, "अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदारी लेनी होगी। जिन लोगों को उन्होंने हाथ पकड़कर पार्टी में लाया था, उन्होंने ही पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है। ममता बनर्जी को भी जिम्मेदारी लेनी होगी।"

रिजू दत्ता का कहना है कि पूरी पार्टी में अभिषेक बनर्जी के प्रति गहरा असंतोष है, जिसे ममता बनर्जी अभी तक समझ नहीं पाई हैं। अगर इन मुद्दों को समय रहते सुलझाया नहीं गया तो पार्टी में बड़ा विद्रोह हो सकता है।

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