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UP कैबिनेट के 28 प्रस्तावों को मंजूरी: होमगार्ड्स को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज

UP कैबिनेट के 28 प्रस्तावों को मंजूरी: होमगार्ड्स को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज

खनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि मदरसों से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

बैठक में प्रशासन, शिक्षा, स्टार्टअप, स्वास्थ्य, खेल, कृषि और पशुपालन समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए।

जलालाबाद का नाम अब होगा परशुरामपुरी

कैबिनेट की सबसे प्रमुख घोषणाओं में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना शामिल रहा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। राज्य सरकार ने 25 जून 2025 को नाम परिवर्तन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद अब कैबिनेट ने भी इसे स्वीकृति दे दी है।

स्टार्टअप मिशन और नई नीति को मिली हरी झंडी

राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को मंजूरी दी है। यह मिशन सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत संचालित होगा। सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 1000 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया है, जिसमें 400 करोड़ रुपये डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, इनक्यूबेटर संचालन के लिए प्रति वर्ष 40 लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जाएगा।

पशुधन बीमा योजना का विस्तार

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना के तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा। योजना में केंद्र सरकार 51 प्रतिशत, राज्य सरकार 34 प्रतिशत और पशुपालक 15 प्रतिशत प्रीमियम का योगदान देंगे। प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर बीमा का लाभ मिलेगा। सरकार ने विभिन्न पशुओं का बीमित मूल्य भी तय किया है। मुर्रा भैंस का मूल्य 75 हजार रुपये, उन्नत नस्ल की गायों का 50 से 65 हजार रुपये, बैल का 40 हजार, घोड़े का 60 हजार तथा भेड़-बकरी का 6,500 रुपये निर्धारित किया गया है।

होमगार्ड्स को मिलेगा पांच लाख तक कैशलेस इलाज

कैबिनेट ने होमगार्ड जवानों के लिए बड़ी राहत देते हुए उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस योजना पर राज्य सरकार प्रतिवर्ष लगभग 35.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को भी नगर बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी गई है।

वाराणसी में बनेगा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज

श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि वाराणसी में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के मेडिकल कॉलेज के लिए निशुल्क भूमि आवंटन का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पतालों के निर्माण के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। वाराणसी मेडिकल कॉलेज में कुल 50 प्रतिशत सीटें श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।

डेटा सेंटर नीति दोबारा लागू

राज्य सरकार ने समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके संचालन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिशन डायरेक्टरेट बनाया जाएगा, जबकि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक एंपावर्ड कमेटी भी गठित की जाएगी।

खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरी

खेल मंत्री गिरीश यादव ने बताया कि ओलंपिक, एशियाई खेल, महिला ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लोक सेवा आयोग की नियमित चयन प्रक्रिया से अलग सीधे सरकारी नियुक्ति देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इसके तहत क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी सहित कुल 41 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।

शिक्षा और कृषि क्षेत्र में भी बड़े फैसले

कैबिनेट ने कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में एंग्लो संस्कृत कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा तथा गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। वहीं रायबरेली में उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार 50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी।

वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी का निर्णय

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की वर्दी की धुलाई और सिलाई भत्ते से जुड़ा अहम फैसला भी लिया। अब यह राशि सात वर्ष के बजाय प्रत्येक पांच वर्ष में उपलब्ध कराई जाएगी। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, जबकि कर्मचारियों को पहले की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक लाभ मिलेगा।

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