Dailyhunt
500 मीटर तक सडक़ बनाई ; फिर काम ठप, जमीन देकर रोड को तरसी बल्ह हरिजन बस्ती - Divya Himachal

500 मीटर तक सडक़ बनाई ; फिर काम ठप, जमीन देकर रोड को तरसी बल्ह हरिजन बस्ती - Divya Himachal

Divya Himachal 1 week ago

स्ती में चलने योग्य मार्ग नहीं, कई मकानों को नुकसान, बीमारी और भारी बरसात की स्थिति में आती हैं मुश्किलें, मांगा समस्या का हलस्टाफ रिपोर्टर-हमीरपुर
यकीन नहीं होता कि आज भी हमीरपुर जिला में कुछ ऐसे गांव है तो सडक़ों सहित रास्ते की सुविधा को तरस रहे हैं।

संपूर्ण विकास की चाहे जितनी मर्जी डींगे हांक ली जाएं, लेकिन जब सच्चाई सामने आती तो धरातल पर संकट काट रही जिंदगियों की परेशानी साफ दिखती है। जी हां हम बात उपमंडल भोरंज के तहत आने वाली ग्राम पंचायत नंदन की बल्ह हरिजन बस्ती की कर रहे हैं। इस बस्ती की विडंबना रही कि अपनी जमीन देने के उपरांत भी सडक़ गांव तक नहीं पहुंच पाई। करीब 500 मीटर सडक़ निकलने के बाद इसे बंद कर दिया गया जिस वजह से यह बस्ती भारी मुसीबतें झेल रही है। यहां के रास्ते तक टूट चुके हैं तथा मार्ग चलने योग्य नहीं बचे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस बस्ती के लोगों का कहना है कि जहां से सडक़ मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है वहां पर इनकी जमीन है। उसी जमीन से मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है। इन्होंने तो जमीन सडक़ मार्ग निर्माण के लिए दे दी लेकिन वायदे मुताबिक बल्ह गांव के सामान्य वर्ग ने सिर्फ अपना फायदा देखा तथा इनकी बस्ती को मार्ग नहीं निकलने दिया। वर्ष 2020 में सडक़ मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जब सडक़ का टै्रक बना तो बताया गया कि सामान्य वर्ग व हरिजन बस्ती के लिए इस मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ का निर्माण अनुसूचित जाति उपयोग में हुआ है। ग्रामीणों ने अनुसार बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्हें अपने बच्चे स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो इनके गांव तक का मार्ग साईकिल योग्य भी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप जड़ा है कि प्रशासन के कई मर्तबा चक्कर काट चुके हैं तथा हर बार समस्या के समाधान का आश्वसान देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इनकी बस्ती तक नहीं निकाला गया तो फिर मार्ग को उस जगह पर बंद कर देंगे जहां से इनकी जमीन को लिया गया है। इन्होंने बताया कि मार्ग निकालने के लिए इनसे जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई है तथा मार्ग लोकनिर्माण विभाग ने निकाला है। शनिवार को उपायुक्त के दरबार पहुंचे ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कर राहत पहुंचाई जाए। वर्तमान में इनका गांव विकास की दृष्टि से पूरी तरह दूर हो चला है राकेश कुमार का कहना है कि सडक़ सुविधा के आभाव में ग्रामीण भारी परेशानियों झेल रहे हैं। बस्ती के रास्ते तक ध्वस्त हो चुके हैं तथा कई घरों को सडक़ मार्ग के लिए बनाए ट्रैक से नुकसान हो चुका है। सुषमा देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ मार्ग की सुविधा न मिलने से परेशानी हो रही है।


Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Divya Himachal