कार्यालय संवाददाता - शिमला
प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शहरी निकाय के रोस्टर जारी हो चुके हैं। अब चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटा है और कयास लगाए जा रहे हैं कि 20 अप्रैल तक आचार संहिता लागू हो सकती है।
चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि संसाधनों और कर्मचारियों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया में करीब 30 दिन का समय लगता है, जिसमें नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना जैसी सभी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। यदि चुनाव प्रक्रिया को 31 मई तक पूरा करना है, तो पहले चरण के मतदान से लगभग एक माह पहले आचार संहिता लागू करना जरूरी होगा।
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव का पहला चरण 20 या 21 मई के आसपास आयोजित किया जा सकता है। इसके साथ ही जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी, प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके लागू होते ही सरकार और प्रशासन किसी भी नई योजना या विकास कार्यों की घोषणा नहीं कर पाएंगे। प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर जल्द ही साफ होगी और आगामी दिनों में चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रदेश में चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रदेश में तीन चरणों में हो सकते हैं चुनाव
प्रदेश में चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। तीन चरणों में चुनाव कराने के पीछे मुख्य कारण संसाधनों और कर्मचारियों की सीमित उपलब्धता बताई जा रही है। एक साथ चुनाव कराने में भारी संख्या में कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की जरूरत होती है, जबकि चरणबद्ध तरीके से चुनाव कराने पर पहले चरण में लगे संसाधनों को अगले चरणों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

