गेहूं की फसल की कटाई हुई प्रभावित, किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें, नुकसान होने का सताने लगा डरनिजी संवाददाता-डंगार चौक
मई के माह में हो रही असामयिक बारिश ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव डंगार, हरितल्यांगर, जोहड़, भोला, दख्यूत, चोखना में अप्रैल के अंत में गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो जाती है। गेहूं की फसल के पकने और कटाई के महत्वपूर्ण समय पर हो रही लगातार बारिश और तापमान में गिरावट ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। इस समय जहां फसल खेतों थ्रैसिग तक पहुंचने की तैयारी में होती है वहीं बेमौसम बारिश ने पूरी प्रक्रिया पर असर डाल दिया है। बारिश के कारण गेहूं के दानों में नमी बढ़ गई है, और फसल खेतों में खड़ी सडऩे के कगार पर है। इस बेमौसमी बारिश ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआत में जिस बारिश को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा था वहीं अब लगातार बरसने के कारण किसानों के लिए आफत बन गई है। खेतों में पानी जमा होने और अत्यधिक नमी के कारण गेहूं की फसलें खराब होने लगी हैं। इस बेमौसमी बारिश ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है।
शुरुआत में जिस बारिश को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा था, वही अब लगातार बरसने के कारण किसानों के लिए आफत बन गई है। खेतों में पानी जमा होने और अत्यधिक नमी के कारण गेहूं की फसलें खराब होने लगी हैं। क्षेत्र में बेमौसमी बारिश से गेहूं की आधा दर्जन फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। क्षेत्र के किसान जगरनाथ शर्मा, दलेल सिंह, रमेश कुमार, राजेन्द्र सिंह, शेर सिंह भोगल, विजय, रवि, ईश्वर दास, ओंकार सिंह और राजेश ठाकुर, सुनील दत्त व जगदीश शर्मा आदि ने बताया कि बारिश से उनकी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि गेहूं की फसलें लगभग नष्ट हो चुकी हैं और अब वे बारिश रुकने का इंतजार कर रहे हैं ताकि बची हुई फसल को और नुकसान से बचाया जा सके। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता देख स्थानीय लोगों ने कृषि विभाग और प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है। किसानों ने मांग की है कि खराब हुई फसलों का शीघ्र आकलन करवाया जाए।

