बिलासपुर जिला परिषद में अध्यक्ष पद पर सस्पेंस, 15 साल बाद ओपन गेम
दिव्य हिमाचल ब्यूरो - बिलासपुर
जिला परिषद चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में जिला परिषद की सरदारी को लेकर गहन मंथन का दौर शुरू हो गया है।
इस बार जिला परिषद अध्यक्ष पद अनारक्षित (ओपन) होने के कारण सत्ता के समीकरणों ने नई करवट ले ली है। भाजपा को 14 में से 9 सीटों पर स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर भाजपा समर्थित चेहरों की ताजपोशी होगी, लेकिन इन पदों पर कौन बैठेगा, इसे लेकर चर्चाएं और राजनीतिक गणित तेज हो गई है। करीब डेढ़ दशक बाद जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए अनारक्षित व्यवस्था लागू हुई है। ऐसे में सभी की निगाहें उन वार्डों पर टिकी हैं, जहां से अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार निकल सकते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार बरमाणा, जुखाला, बडग़ांव, जांगला और रोहल वार्ड इस बार निर्णायक भूमिका में हैं।
हालांकि बडग़ांव और जंगला से निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत हुई है, जबकि रोहल, बरमाणा और जुखाला से भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं। ऐसे में जिला परिषद की सत्ता की चाबी मुख्य रूप से इन्हीं क्षेत्रों के हाथों में दिखाई दे रही है। भाजपा के पूर्ण बहुमत ने विपक्ष की संभावनाओं को लगभग समाप्त कर दिया है। पार्टी के भीतर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर संगठनात्मक स्तर पर मंथन शुरू हो चुका है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं की सहमति से होगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में संभावित नामों को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार तेज हो रहा है। इस बार भाजपा समर्थित विजयी सदस्यों में पांच महिलाएं शामिल हैं। जिला परिषद में महिलाओं की मजबूत भागीदारी को देखते हुए राजनीतिक पर्यवेक्षक मान रहे हैं कि उपाध्यक्ष पद किसी महिला सदस्य को सौंपा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो जिला परिषद के शीर्ष नेतृत्व में महिला प्रतिनिधित्व और अधिक मजबूत होगा। जिला परिषद चुनाव में पांच निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इनमें से तीन को भाजपा विचारधारा से जुड़ा माना जा रहा है, जबकि दो निर्दलीय कांग्रेस समर्थक बताए जा रहे हैं।
महिला को मिल सकती है उपाध्यक्ष की कुर्सी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला पारंपरिक नहीं है। महिला आरक्षण के चलते इस बार भाजपा समर्थित पांच नए चेहरे विजयी हुए हैं। ऐसे में नए चेहरों में से किसी एक को उपाध्यक्ष पद की कमान सौंपी जा सकती है।
इस बार का रोस्टर
नए रोस्टर के अनुसार घंडालवीं अन्य पिछड़ा वर्ग, गाहर, कुठेड़ा और ननावां वार्ड महिला के लिए आरक्षित, बडग़ांव और रोहल अनारक्षित, जेजवीं अनुसूचित जाति महिला, जांगला अनारक्षित, बामटा अनुसूचित जाति महिला, बरमाणा अनारक्षित, नम्होल महिला, जुखाला अनारक्षित, स्वाहण अनुसूचित जाति तथा कोटखास अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।

