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Career in Tourism: ट्रैवल-टूरिज्म सेक्टर में शानदार करियर, कहां-कहां हैं जॉब के मौके, जानिए - Divya Himachal

Career in Tourism: ट्रैवल-टूरिज्म सेक्टर में शानदार करियर, कहां-कहां हैं जॉब के मौके, जानिए - Divya Himachal

Divya Himachal 1 month ago

देश की टूरिज्म इंडस्ट्री तेज रफ्तार से बढ़ रही है। इससे काम के नए अवसर पैदा हुए हैं। जो युवा यात्राएं करने के शौकीन हैं, नई-नई जगहों पर जाने, वहां के बारे में जानने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए भी इस सेक्टर में ढेरों विकल्प खुल गए हैं…

पर्यटन की दुनिया अब बदल रही है। पर्यटन का स्वरूप अब वैसा नहीं रहा, जैसा पहले हुआ करता था। आज का पर्यटन स्मारकों को देखने से आगे बढ़ चुका है। अब आध्याित्मक और धार्मिक पर्यटन का क्रेज देखा जा रहा है। आज के पर्यटकों को कुछ अलग अनुभव और संतुष्टि देने वाले टूअर आइिडयाज अधिक पसंद आ रहे हैं, जैसे कि रिजेनरेटिव पर्यटन, क्यूरेटिव पर्यटन, होमस्टे आदि। ऑनलाइन पहुंच बढऩे से पर्यटक इस तरह के टूअर का भी इन दिनों आनंद ले रहे हैं यानी नए-नए तरह के टूअर कांसेप्ट पेश किए जा रहे हैं, जो पर्यटकों को अलग अनुभव दिलाते हैं। आपको भी घूमने-घुमाने का शौक है तो आप भी अपने शहर में आने के लिए पर्यटकों को लुभा सकते हैं और बदले में अच्छा पैसा भी कमा सकते हैं।

कोर्स और शैक्षणिक योग्यता

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की मानें, तो यहां किसी भी स्ट्रीम के छात्र अपना करियर शुरू कर सकते हैं। वैसे, आज देश के प्रतिष्ठित कालेजों एवं विश्वविद्यालयों में ट्रैवल एवं टूरिज्म से संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। कोई भी युवा 12वीं के बाद ट्रैवल एवं टूरिज्म में डिप्लोमा, स्नातक या परास्नातक डिग्री प्राप्त कर सकता है। इसके तहत ट्रैवल एवं टूरिज्म मैनेजमेंट, हास्पिटैलिटी एवं ट्रैवल मैनेजमेंट, एयर ट्रैवल मैनेजमेंट आदि कोर्स में करवाए जा रहे हैं। चाहें, तो ट्रैवल एवं टूरिज्म में बीबीए और एमबीए भी कर सकते हैं। इससे निजी एवं सरकारी क्षेत्र में अच्छे अवसर मिलने की गुंजाइश बढ़ जाती है। इन दिनों कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा पीएचडी करने के भी अवसर दिए जा रहे हैं।

पार्ट टाइम जॉब का भी विकल्प

पर्यटन सेक्टर आजकल तमाम युवाओं के लिए पार्ट टाइम जॉब का विकल्प भी बनता जा रहा है, जैसे अगर किसी का घर किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन के पास में है, तो वह पर्यटकों को होमस्टे की सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। बहुत से युवा घर बैठे किसी होटल, रेस्तरां या रिसोर्ट आदि के लिए डिजिटल मार्केटिंग जैसी सेवाएं दे रहे हैं। कुछ लोग अपना पोर्टल बनाकर पर्यटकों को अलग-अलग पर्यटन के विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं।

रोजगार और स्वरोजगार दोनों ही मौके

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको स्टोरी टेलिंग आनी चाहिए, ताकि पर्यटक आप तक खिंचे चले आएं। पर्यटन में रोजगार और स्वरोजगार दोनों ही मौके हैं। आप चाहें तो नौकरी कर सकते हैं या फिर अपनी टूअर कंपनी बना सकते हैं। इन दिनों देश में ऐसी छोटी कंपनियां खूब देखी जा रही हैं, जो एकदम माइक्रो लेवल पर काम करती हैं। देश के विभिन्न शहरों में ऐसी कंपनियां लोगों को अयोध्या के राममंदिर, बनारस के काशीधाम, उज्जैन के महाकाल आदि के दर्शन के नाम पर खूब ग्रुप टअूर आफर कर रही हैं और लोग ऐसे मौके का लाभ भी उठा रहे हैं।

क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा

विदेश की तरह अपने देश में भी क्रूज टूरिज्म को अब बढ़ावा दिया जा रहा है। रिवर क्रूज के बाद अब क्रूज शिप की सेवाएं देने के लिए तमाम क्रूज कंपनियां भारत की ओर रुख कर रही हैं। इसी को ध्यान में रखकर सरकार की ओर से मुंबई में देश के सबसे बड़े क्रूज टर्मिनल को शुरू किया गया है, जहां एक साथ पांच क्रूज शिप खड़े हो सकेंगे। लोग यहां से रोजाना क्रूज के जरिए आवागमन कर सकेंगे। क्रूज की सैर का आनंद ले सकेंगे। पहले इस तरह की सेवाएं विदेश में ही होती थीं।

घरेलू पर्यटन के चलते भी अवसर

घरेलू पर्यटन लगातार बढऩे से ट्रैवल पोर्टल, टूअर एंड ट्रैवेल ऑफिस, होटल्स आदि जगहों पर नौकरी भी पा सकते हैं। टूर गाइड का पेशा इस सेक्टर में हमेशा से एक सदाबहार पेशा रहा है, लेकिन इस पेशे में अब नया बदलाव यह आया है कि टूअर गाइड बनने के लिए लोगों को अपने शहर से दूर जाने की जरूरत नहीं है। टूरिस्ट डेस्टिनेशन के आसपास रहने वाले लोग ही अब इस तरह की सेवाएं देने लगे हैं। इससे इस पेशे में भी विस्तार हो रहा है। वहीं, नौकरीपेशा या व्यस्त लोग इन दिनों टूअर प्लानर की खूब सेवाएं लेते देखे जा रहे हैं, जो लोगों के लिए टूअर की प्लानिंग करने में मदद करते हैं, उन्हें गाइड करते हैं कि कैसे किसी डेस्टिनेशन तक पहुंचना है, वहां रहने और खाने की व्यवस्था करनी है। ऐसे टूअर प्लानर आपके बजट के अनुसार टूअर की प्लानिंग कर देते हैं।

टैरिफ फ्री सेक्टर है टूरिज्म

आज के समय में देश में टूरिज्म ऐसा सेक्टर है, जो टैरिफ फ्री है। इसका मतलब यह कि टैरिफ कुछ भी रहे, देश के टूरिज्म सेक्टर पर इसका बहुत असर नहीं पड़ेगा। इसलिए सरकार का भी फोकस इनबाउंड टूरिज्म पर फिर से बढ़ गया है, ताकि ज्यादा विदेशी आएं। दूसरा यह कि देश का आध्यात्मिक या धार्मिक टूरिज्म आज बहुत बड़ा सेक्टर बन चुका है। घरेलू पर्यटन भी पहले से काफी बढ़ गया है। सरकार का स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत पर पूरा जोर है। ऐसे में टूरिज्म इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, क्योंकि जब देश में टूरिज्म बढ़ रहा है, तो इसमें सेवा देने वाले लोग भी चाहिए। ऐसे छोटे उद्यमी भी चाहिए, जो अयोध्या, वाराणसी या उज्जैन जैसी जगहों पर अपने शहर के लोगों को ग्रुप टूअर करा सकें या मनाली, शिमला जैसी जगहें घुमा सकें। देखा जाए तो टूरिज्म की वास्तविक प्रकृति ही बिजनेस वाली है। ऐसे में यह स्किल आगे बहुत काम आएगी।

इस फील्ड में कई करियर ऑप्शन

1. टूरिज्म मैनेजर
2. ट्रेवल एजेंट
3. टूअर गाइड
4. ट्रेवल ब्लॉगर
5. ट्रेवल राइटर
6. ट्रेवल एडमिनिस्ट्रेशन
7. टूरिज्म ऑफिसर
8. ट्रेवल कंसल्टेंट
9. ट्रेवल स्पेशलिस्ट
10. हॉलिडे एडवाइजर
11. होटल मैनेजर
12. क्रूज मैनेजर
13. एडवेंचर टूर गाइड
14. ट्रैवल एजेंसी एजेंट
15. टूअर ऑपरेटर
16. होटल
17. एयरलाइंस
18. टूरिज्म गाइड
19. टूअर मैनेजर
20. एयरपोर्ट स्टाफ
21. एयर होस्टेस
22. कस्टमर सर्विस मैनेजर

जरूरी स्किल्स

टूरिज्म स्टूडेंट्स को ग्लोबल कल्चर की जानकरी सहित ट्रेवल बिजनेस के सभी आस्पेक्ट्स के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

बिजनेस के बड़े प्रोजेक्ट्स को निपटाने के लिए कस्टमर रिलेशन मैनेजमेंट भी एक ऐसा महत्त्वपूर्ण स्किल है, जो टूरिज्म स्टूडेंट्स के पास होना चाहिए।

भारत की हिस्ट्री, जियोग्राफी, आर्किटेक्चर और मोन्युमेंट्स के बारे में काफी अच्छी जानकारी जरूरी है।

इस इंडस्ट्री के इंप्लाइज को अच्छी तरह प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और उनके पास बेहतरीन इंटरपर्सनल स्किल्स होना चाहिए।

किसी फॉरेन लैंग्वेज की जानकारी इस पेशे में काफी फायदेमंद रहती है।

इंप्लॉइज खुद को पासपोट्र्स, वीजा, टिकिट बुकिंग आदि से संबद्ध सभी रूल्स और रेगुलेशन्स की जानकारी से हमेशा अपडेटेड रखें।


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