पलासला, पन्याला, मल्यावर, छंजयार समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन की कड़ी नजर, डीसी को भेजी रिपोर्ट, मानसून में 24 घंटे निगरानी
स्टाफ रिपोर्टर-घुमारवीं
मानसून की दस्तक के साथ ही घुमारवीं उपमंडल में भूस्खलन का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है।
पिछले सालों में भारी बारिश से तबाही झेल चुके पलासला, पन्याला, मल्यावर व छंजयार समेत एक दर्जन से अधिक गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों को प्रशासन ने इस बार भी संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी गई है।
बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। पिछले सालों में बरसात के मौसम में घुमारवीं के कई इलाकों में लगातार हुई बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया था। जगह-जगह पहाडिय़ां दरक गईं थीं, जिससे कई मकानों में दरारें आ गईं और अनेक परिवारों को अपने घर छोडक़र पंचायत घरों, राहत शिविरों तथा रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी थी। प्रशासन की ओर से चिन्हित किए गए संवेदनशील क्षेत्रों में पलासला, पन्याला-कोठी, मल्यावर, छंजयार, टकरेड़ा, त्यून खास नैण-मैहरन, नैण गुजरां, छत, पनौल व बल्लू-खरयाला सहित कई स्थान शामिल हैं।
संकट में यहां करें फोन
एसडीएम गौरव चौधरी ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति में लोग 24म7 आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01978-255227 पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को हर वक्त कड़ी निगरानी के आदेश
प्रशासन ने विभागीय अधिकारियों को दिए लगातार निगरानी रखने के निर्देश :- प्रशासन ने राजस्व, लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, पुलिस तथा पंचायत प्रतिनिधियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पडऩे पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान पहाडिय़ों के नीचे, दरकती ढलानों और नालों के आसपास जाने से बचें।
थोड़ी सी बारिश भी पन्याला में बढ़ा देती है खतरा
कोठी पंचायत के पन्याला में भूस्खलन लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है। हल्की से मध्यम बारिश होते ही यहां पर घुमारवीं-सरकारघाट सुपर हाइवे कई-कई घंटों तक बंद रहता है। यातायात बाधित होने से स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी
पड़ती है।
घुमारवीं उपमंडल के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उनकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। पूरे मानसून के दौरान इन क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि कहीं भी खतरे की स्थिति बनती है तो लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा। सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। आम लोग भी भारी बारिश के दौरान जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं

