दिव्य हिमाचल ब्यूरो - मंडी
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार केवल मंचों से भाषणबाजी और बड़ी-बड़ी बातें करने तक सीमित रह गई है, जबकि धरातल पर वास्तविकता इसके बिलकुल विपरीत और निराशाजनक है।
कांगड़ा के ढगवार में निर्माणाधीन 225 करोड़ रुपए के अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों पर बरसने और काम रुकवाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता और सरकार के भीतर समन्वय की कमी का प्रमाण है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रहे इस प्लांट के डिजाइन में बदलाव और गुणवत्ता से समझौता होना प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ है और यह सिद्ध करता है कि सुक्खू सरकार में निर्णय कहीं और लिए जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केवल अधिकारियों को फटकारने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे तो तकनीक बदलने का दुस्साहस किसने किया और इतने बड़े प्रोजेक्ट की निगरानी में इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कौन जवाबदेह है। पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की जमीन को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप से इनकार करने पर जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री को आगाह किया था कि विश्वविद्यालय की बेशकीमती जमीन बेचने का फैसला कानून की कसौटी पर एक दिन भी नहीं टिकेगा।

