डिजिटल डेस्क
अप्रैल महीने का एक हफ्ता बीत चुका है, पर गर्मी के बजाय सर्दी बढ़ती जा रही है। पहाड़ सफेद हो चुके हैं, मैदान बारिश से भीग रहे हैं और कंपकंपी लगातार बढ़ रही है। पहले लोग गर्मी से परेशान थे और अब ठंड से कंपकंपा रहे हैं।
राजधानी शिमला, कांगड़ा सहित कई जिलों में मंगलवार रात से बारिश हो रही है, जिसका क्रम बुधवार को भी जारी है। अटल टनल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिला के कई क्षेत्रों में बुधवार को अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट है। प्रदेश में नौ अप्रैल को भी मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है, जबकि दस अप्रैल को धूप खिलने की संभावना है।
24 घंटे की बारिश ने बढ़ा दी कंपकंपी, चूड़धार में डेढ़ फुट बर्फबारी
नौहराधार। पिछले 24 घंटे से जारी बारिश और ओलावृष्टि ने सिरमौर के हरिपुरधार, गताधार में मौसम का मिजाज बदल दिया है। जिला की सबसे उंची चोटी चूड़धार में ताजा बर्फबारी होने के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिला के ऊपरी क्षेत्र में कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि से कुछ समय के लिए सडकें भी सफेद हो गईं। चूड़धार में करीब डेढ़ फुट ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। चूड़धार में मौजूद स्वामी कमलानंद जी महाराज ने बताया कि चूड़धार में पिछले करीब 24 घंटे से बर्फबारी हो रही है। यहां पर डेढ़ फुट ताजा हिमपात हो चुका है। मंगलवार शाम से बिजली आपूर्ति ठप है व पानी की पाईपें भी जाम हो चुकी हैं। बर्फ पिघलाकर पानी पीना पड़ रहा है।
बारिश से बढ़ी किसानों के चेहरे की चमक, इस बार अच्छी फसल की उम्मीद
रोनहाट। सिरमौर के रोनहाट में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है, जो कि रुकने का नाम नहीं ले रही है। बारिश किसानों के लिए जीवनदायनी बनी हुई है। ऐसे में किसानों में गेंहू व जो तथा लहसुन की फसल को लेकर अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जगी है। लगातार हो रही बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है। लोग गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हंै। लोगों कहना है कि इस बार इंद्रदेव की कृपा से अच्छी फसल की उम्मीद जगी है। अब मौसम किस ओर अपनी करवट बदलता है यह इंद्रदेव पर निर्भर करेगा।
शिकारी देवी में 3 फुट हिमपात, रिस्क पर मंदिर पहुंच रहे लोग
गोहर। समुद्र तल से 11 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित शिकारी माता मंदिर में मंगलवार रात से खूब हिमपात हो रहा है। बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक यहां लगभग 3 फुट बर्फ दर्ज की गई है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने मौसम विभाग द्वारा लगाए गए पूर्वानुमान के अनुरूप लोगों को यहां न जाने की सलाह दी है, लेकिन कुछ लोग प्रशासन की एडवाइजरी को दरकिनार करते हुए भी जोखिम उठाकर माता शिकारी मंदिर पहुंच रहे हैं।

