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हो जाएं सावधान! WhatsApp पर लॉटरी का झांसा दे रहे हैं साइबर ठग, जानिए कैसे करें बचाव - Divya Himachal

हो जाएं सावधान! WhatsApp पर लॉटरी का झांसा दे रहे हैं साइबर ठग, जानिए कैसे करें बचाव - Divya Himachal

Divya Himachal 1 week ago

साइबर सेल ने जारी की लॉटरी घोटाले की एडवाइजरी

सतर्क न रहे तो शातिर खाली कर देंगे आपका बैंक खाता

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

साइबर ठग आए दिन लोगों को ठगने के लिए नए नए तरीके अजमा रहे हैं। अब साइबर ठगों की नजर व्हाट्सएप यूजर्स पर हैं क्योंकि इसकी संख्या बहुत ज्यादा है।

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप आजकल हैकिंग का शिकार होता जा रहा है। व्हाट्सएप पर एक नया घोटाला सामने आया है और स्कैमर्स अब लोगों को ठगने के लिए लॉटरी का झांसा दे रहे हैं। इस तरह की ठगी के मामले सामने आने पर साइबर सेल शिमला ने भी इस बारे में एडवाइजरी जारी की है। बताया जा रहा है कि ऐसे अधिकतर स्कैमर्स विदेशों में स्थित हैं और एक संदेश के साथ भारतीयों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा ऐसा कोई मैसेज आता है तो उस मैसेज को इग्नोर कर दें, क्योंकि यह फ्रॉड है। व्हाट्सएप संदेश नोट करता है कि उस पंजीकृत नंबर को लॉटरी के लकी ड्रा प्रतियोगिता में चुना गया है और उपयोगकर्ताओं को 25 लाख रुपये नकद इनाम मिलेगा। ऐसे साइबर धोखाधड़ी में, धोखेबाज अनजान नंबरों से पीडि़तों को व्हाट्सएप संदेश भेजते हैं। उनमें से ज्यादातर +92, पाकिस्तान के आईएसडी कोड से शुरू होते हैं। 25 लाख और उस लॉटरी का दावा करने के लिए उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क करना होगा जिसका नंबर उसी व्हाट्सएप संदेश में दिया गया हो। जब पीडि़त राशि का दावा करने के लिए वहां दिए गए नंबर पर संपर्क करता है, तो धोखेबाज उसे बताता है कि उन्हें पहले लॉटरी के प्रसंस्करण के साथ-साथ जीएसटी आदि के लिए एक निश्चित वापसी योग्य राशि का भुगतान करने की आवश्यकता है। एक बार जब पीडि़त उस पैसे को जमा कर देता है, तो वे किसी न किसी बहाने से ज्यादा पैसे की मांग करने लगते हैं।

जालसाज सिर्फ व्हाट्सएप के जरिए संवाद करने पर जोर देते हैं। वे पीडि़त को विभिन्न बैंक खातों में पैसा जमा करने के लिए प्रेरित करते हैं और पूरी धोखाधड़ी कई हफ्तों और महीनों तक चलती है, जब तक कि वे पीडि़त को पैसा जमा करने के लिए प्रेरित करते रहें। कुछ समय बाद, वे पीडि़त को यह बताना शुरू करते हैं कि लॉटरी की राशि को और बढ़ा दिया गया है। पहले 45 लाख, फिर 75 लाख आदि ताकि पीडि़त को व्यस्त रखा जा सके और उसमें रुचि ली जा सके। अंत में, जब पीडि़त पैसे लेने की जिद करने लगता है या अधिक भुगतान करने से इनकार करता है, तो वे उसे कॉल करना बंद कर देते हैं और धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए जा रहे व्हाट्सएप नंबरों को बंद कर देते हैं।

ठगी से बचने के लिए ये सावधानियां बरतें

डीआईजी साइबर क्राइम रोहित मालपानी का कहना है कि उपभोक्ताओं को ठगी से बचने की जानकारियां होनी चाहिए। कुछ सावधानियां यहां भी बताई जा रही हैं जिस पर यदि अमल करें तो आप इंटरनेट ठगी के जाल से बच सकते हैं। कोई भी संदेश यह सूचित करता है कि आपने लॉटरी या पुरस्कार जीता है, पूरी तरह से धोखाधड़ी है। इसके अलावा इस तरह के संदेशों को करीब से देखने पर खराब प्रारूपण, व्याकरण संबंधी त्रुटियां और अन्य स्पष्ट संकेत दिखाई देंगे कि संदेश वास्तविक नहीं है। ये फ्रॉड आपके लालच का फायदा उठाते हैं। आप अपने लालच में अंधे होने के कारण परिवार के सदस्यों के साथ चर्चा करना, वैकल्पिक माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करना आदि जैसी बुनियादी सावधानियां बरतना भूल जाते हैं। किसी भी वास्तविक लॉटरी या पुरस्कार में, कर घटक और अन्य शुल्क पुरस्कार राशि से काट दिए जाते हैं और विजेता को कटौती की गई राशि मिलती है। तो अपने आप से यह प्रश्न पूछें कि तथाकथित लॉटरी धन प्राप्त करने के लिए आपको इन शुल्कों का अग्रिम भुगतान क्यों करना पड़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह एक धोखाधड़ी है और ऐसा कोई पैसा नहीं है जिसे आपने जीता है। फोन करने वाले में गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है, यह इस बात का संकेत है कि पूरी बात में कुछ गड़बड़ है।

ऐसे करें ठगी मामले की शिकायत

डीआईजी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने बताया कि ठगी का शिकार हुए लोग कथित व्यक्ति/वेबसाइट के संपर्क में आने और उसके बाद होने वाली धोखाधड़ी के बारे में बताते हुए शिकायत के संक्षिप्त तथ्य, एसएमएस का स्क्रीनशॉट/कॉपी लें और स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र करें जैसे स्क्रीनशॉट, बैंक लेनदेन विवरण आदि, उपरोक्त दस्तावेजों के साथ पूरी घटना का वर्णन करते हुए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

--अमन वर्मा


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