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क्रिकेट स्टेडियम के दीदार को तरसे पर्यटक - Divya Himachal

क्रिकेट स्टेडियम के दीदार को तरसे पर्यटक - Divya Himachal

Divya Himachal 1 week ago

र्मशाला पहुंचे सैलानियों को नहीं मिला स्टेडियम देखने का मौका, बंद होने से कारोबारियों और दुकानदारों को भी नुकसान

स्टाफ रिपोर्टर- धर्मशाला
प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) द्वारा क्रिकेट मैचों व स्टेडियम से पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावों के बीच धर्मशाला का विश्व प्रसिद्ध एचपीसीए स्टेडियम इन दिनों पर्यटकों के लिए पिछले एक माह से पूरी तरह से बंद है।

पर्यटन सीजन अपने चरम पर होने के बावजूद स्टेडियम के बंद होने से देशभर से पहुंचे हजारों पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं। हालांकि धर्मशाला स्टेडियम में 11, 14, 17 व उसके नौ दिनों के बाद 26 मई को आईपीएल के मैच खेले गए, जबकि 26 मई के बाद 18 दिनों के बाद अब 13 जून को भारत-अफगानिस्तान के बीच वनडे मुकाबला खेले जाना है। जबकि देश भर व विदेशों से पहुंचने वाले पर्यटकों को 30 रुपए की टिकट देकर भी धौलाधार की तलहटी में बने स्टेडियम का दीदार करने तक का मौका नहीं दिया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि स्टेडियम बंद होने की पर्यटकों को ऑनलाइन कोई सूचना उपलब्ध नहीं होने से पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अब हर दिन हज़ारों की संख्या में पहुंच रहे पर्यटकों की संख्या में नाराजगी को देखते हुए एचपीसीए की ओर से आनन-फानन में सात जून तक स्टेडियम को दर्शकों के लिए खोल दिया गया है। धर्मशाला पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक एचपीसीए के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को अपनी यात्रा का प्रमुख आकर्षण मानते हैं। ऐसे में कई राज्यों से लंबा सफर तय कर पहुंचे पर्यटकों को जब मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया तो उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई। स्टेडियम को एक मई के बाद से बंद कर दिया गया था, जबकि अब दो जून भी बित गया है। इस बीच पीक पर्यटन सीजन में हिमाचल घूमने आने वाले लाखों पर्यटक निराश होकर लौटे हैं। इतना ही नहीं कारोबारियों व छोटे दुकानदारों को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।

क्रिकेट पर्यटन के दावों पर उठे सवाल
धर्मशाला का एचपीसीए स्टेडियम वर्षों से हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता रहा है। क्रिकेट और पर्यटन के मेल को बढ़ावा देने की बात करने वाला एचपीसीए अब उसी पर्यटन सीजन में पर्यटकों को प्रवेश देने में असफल नजर आ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब हजारों पर्यटक केवल स्टेडियम देखने की उम्मीद लेकर धर्मशाला पहुंचते हैं, तो उन्हें बिना पूर्व सूचना के लौटाना क्रिकेट पर्यटन को बढ़ावा देने के दावों के कितना अनुरूप है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि रखरखाव या सुरक्षा कारणों से स्टेडियम बंद करना आवश्यक है, तो भी कुछेक दिन ऐसा किया जा सकता है, जबकि एक महीने से अधिक समय से स्टेडियम बंद है।

व्यापारियों पर भी पड़ा असर
व्यापारियों का कहना है कि स्टेडियम देखने आने वाले पर्यटक आसपास के बाजारों, होटलों और रेस्तरां में भी पैसे खर्च करते हैं। स्टेडियम बंद रहने से उनके कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन में इस तरह की व्यवस्था स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रही है।

ऑनलाइन सूचना नहीं
पर्यटकों का कहना है कि यदि स्टेडियम बंद था, तो इसकी जानकारी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पहले ही साझा की जानी चाहिए थी। इससे लोग अपना समय और पैसा दोनों बचा सकते थे। कई पर्यटकों ने प्रशासन और एचपीसीए से व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की है।


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