दोनों ही मुख्य सियासी दलों के समर्थित प्रत्याशियों ने प्रचार में झोंकी ताकत
दिव्य हिमाचल ब्यूरो - बिलासपुर
नगर निकाय चुनाव में नामांकन की अंतिम तिथि के बाद अब सियासी तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है।
चार नंबर वार्ड में फंसी भाजपा अब भंवर से निकल आई है और यहां से पूजा को पार्टी समर्थित उम्मीदवार बनाया है। पूजा के समर्थन में शालिनी सोनी व अभिलाषा ने नामांकन वापस ले लिया है। जबकि 11 नंबर वार्ड में फंसी कांग्रेस ने किसी भी प्रत्याशी को पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होने के साथ ही कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय और बहुकोणीय बनता नजर आ रहा है, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बिलासपुर नगर परिषद के ताज के लिए इस बार की जंग रोचक और दिलचस्प होगी। भाजपा को ताज बचाने और कांग्रेस को लाज बचाने की चुनौती है। नामांकन वापसी के बाद अब सियासी पिक्सर क्लीयर हो गई है और इसी के साथ प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। निकाय चुनाव के लिए 17 मई को वोटिंग होनी है। उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
यहां बता दें कि दोनों ही मुख्य राजनैतिक दलों की ओर से पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं। हालांकि भाजपा के लिए वार्ड नंबर 4 सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा था मगर यहां से एक प्रत्याशी नीतु मिश्रा का नामांकन रद हो गया जबकि दो प्रत्याशियों शालिनी सोनी व अभिलाषा द्वारा पूजा के समर्थन में नाम वापस ले लिया गया। इसक चलते बीजेपी ने पूजा को इस वार्ड से पार्टीं समर्थित प्रत्याशी घोषित कर दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने वार्ड नंबर 11 में न्यूट्रल रणनीति अपनाई है। क्योंकि यह वार्ड उलझन का कारण बना हुआ है। यहां दो उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के बाद पार्टी ने फिलहाल किसी भी उम्मीदवार को अधिकृत समर्थन न देने का फैसला लिया है। यह रणनीति कांग्रेस की डैमेज कंट्रोल पॉलिसी मानी जा रही है, ताकि बागी तेवर और अधिक न भडक़ें। हालांकि इससे वोटों का बंटवारा होने की आशंका भी बढ़ गई है, जिसका सीधा फायदा विपक्ष या निर्दलीयों को मिल सकता है।

