Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
नशे के मामलों में फंसे कर्मचारियों पर गिरेगी गाज - Divya Himachal

नशे के मामलों में फंसे कर्मचारियों पर गिरेगी गाज - Divya Himachal

Divya Himachal 1 week ago

कार्यालय संवाददाता - शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से ऐसे कर्मचारियों के मामलों की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध करवाने को कहा है, ताकि सरकार के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके। शिक्षा विभाग के निदेशक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एनसीओआरडी, नेशनल को- ऑर्डिनेशन ऑन ड्रग एनफोर्समेंट, की बैठक में प्रदेश में बढ़ते चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार तथा सेवन पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने नशे से जुड़े अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को सेवा से हटाने का निर्णय लिया है।

सरकार ने शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे मामलों की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने पुलिस अधीक्षकों को भेजे पत्र में कहा है कि कई मामलों में विभाग को केवल एफआईआर और बरामदगी की प्रारंभिक जानकारी मिली है, जो कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी जानकारी जल्द उपलब्ध करवाई जाए। शिक्षा विभाग ने जिला उपनिदेशकों को भी संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मामलों की ताजा स्थिति जुटाने तथा कार्रवाई रिपोर्ट तुरंत निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। इस कदम को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

सरकार की लिस्ट में कई शिक्षक और कर्मचारी शामिल

सरकार द्वारा तैयार सूची में शिक्षा विभाग से जुड़े कई कर्मचारी शामिल हैं। इनमें कुछ पर चिट्टा, हेरोइन, अफीम और चरस रखने या सेवन करने के आरोप हैं, जबकि कुछ मामलों में बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप भी दर्ज हैं। सूची में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मामूली मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने के मामले दर्ज हैं, जबकि कुछ पर कई किलो चरस बरामद होने जैसे गंभीर आरोप हैं।

जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत होगी कार्रवाई

सरकार का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने, प्रशासन में जनता का विश्वास बनाए रखने और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा नशे के कारोबार से जुड़े लोगों से मुक्त करने के संकल्प के तहत विभागों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Divya Himachal