शिमला में 311.70 लाख रुपए का नुकसान, सेब और स्टोन फ्रूट की फसल प्रभावितस्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला सहित पूरे जिले के बागवानी क्षेत्रों में बीते एक महीने के दौरान हुई लगातार ओलावृष्टि और बारिश ने बागवानों की मेहनत पर भारी असर डाला है।
बागवानी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 6 मार्च तक जिले में कुल 311.70 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। यह रिपोर्ट विभाग के फील्ड कर्मचारियों द्वारा तैयार कर उपनिदेशक सुदर्शना नेगी को सौंपी गई है, जिसमें जिले के लगभग सभी प्रमुख बागवानी क्षेत्रों में हुए नुकसान का विस्तृत विवरण शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार मौसम की मार से सेब के साथ-साथ आड़ू, प्लम और खुमानी जैसी स्टोन फ्रूट फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। फूल आने और शुरुआती सेटिंग के समय हुई ओलावृष्टि के कारण पेड़ों पर लगे फूल झड़ गए, जिससे आगामी उत्पादन पर गंभीर असर पडऩे की आशंका है।
रामपुर, रोहडू, जुब्बल, कोटखाई, ठियोग, चिडग़ांव, नारकंडा, मतियाना, कुमारसेन, बसंतपुर, मशोबरा, चौपाल और कुपवी सहित ऊपरी शिमला के अधिकांश क्षेत्रों में नुकसान दर्ज किया है। सुन्नी, तत्तापानी और करसोग से सटे इलाकों में भी स्टोन फ्रूट को काफी क्षति पहुंची है। बागवानी विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में 20 से 40 प्रतिशत तक फसल प्रभावित हुई है, जबकि कुछ स्थानों पर यह नुकसान और अधिक है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि का प्रभाव सबसे ज्यादा देखा है। बागवानों ने बढ़ते मौसमीय बदलावों पर चिंता जताते हुए मुआवजे और फसल बीमा के दावों के शीघ्र निपटारे की मांग की है। विभाग ने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है और भविष्य में बागवानों को तकनीकी सलाह देने की बात कही है।

