बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में बोले आयोग अध्यक्ष कुलदीप धीमान, अनुसूचित जाति की शिकायतों की रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के अधिकारियों को निर्देशकार्यालय संवाददाता-बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान ने कहा है कि अनुसूचित जाति के लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं, जिसका लाभ जनता को मिल रहा है। बचत भवन बिलासपुर में शनिवार को हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो दिवसीय बिलासुपर दौरे के दौरान लोगों की कई तरह की समस्याएं सामने आई हैं। कई तरह की खामियां भी हैं, जिन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की ओयल पंचायत में स्थापित इको पार्क को नशे के लिए दुरूपयोग होने का मामला उनके संज्ञान में आया है। जिल प्रशासन, पुलिस प्रशासन को इस दिशा में ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल को नशा मुक्त एवं चिट्टा मुक्त बनाने का है, ऐसे में जिला पुलिस प्रशासन विशेष टीम गठित कर नशे में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आयोग के माध्यम से जो भी शिकायत संबंधित विभागों को प्रेषित की गई है, उन पर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्यवाही की रिपोर्ट आयोग को देना सुनिश्चित करें।कुलदीप धीमान ने कहा कि जिला में एससीडीपी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 73.13 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 71.24 करोड़, वर्ष 2025-26 में 43.77 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इसी तरह जिला में 48 हजार 157 पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है, जिनमें 13 हजार 771 अनुसूचित जाति समुदाय से संबधित है। जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर लगभग 157 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के माध्यम से गृह निर्माण के लिए जिला में 2.58 करोड़ रूपये, जबकि अंतर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना के माध्यम से गत तीन वर्षों में 3.45 करोड़ रुपये व्यय किए हंै। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को प्रदेश सरकार ने 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 80, मक्की का 50, कच्ची हल्दी का 150 तथा अदरक का 30 प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है।

