दिव्य हिमाचल ब्यूरो - शिमला
प्रदेश भर में पंचायती राज चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपटने के साथ्ी ही चुनाव आयोग ने आचार संहिता हटा दी है। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
जिला परिषद की कुल 251 सीटों में से 250 पर चुनाव हुए थे। घोषित परिणामों के अनुसार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 100 से ज्यादा सीटों पर जीत का दावा किया है, जबकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी 80 सीटों पर विजयी होने की बात कह रहे हैं। 52 सीटों पर निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है।
जिला परिषद चुनावों में भाजपा को कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर सहित कई जिलों में बढ़त मिली है, जबकि कांग्रेस को शिमला, चंबा, लाहुल सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में बेहतर सफलता हासिल हुई है। कई जिलों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों की तस्वीर अभी साफ नहीं है। ऐसे में निर्दलीय सदस्य सत्ता के समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। विशेष रूप से शिमला जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला निर्दलियों के समर्थन पर निर्भर माना जा रहा है।
ऊना जिला परिषद पर फिर भाजपा का कब्जा
ऊना - जिला परिषद चुनावों में भाजपा ने बढ़त प्राप्त करते हुए जिला की 17 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस पार्टी को पांच सीटों पर जीत मिली है। इसके साथ ही पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भी चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हुए धनेत जिला परिषद सीट पर अपनी समर्थक को जिताने में सफलता पाई है। भाजपा को लगातार तीसरी बार जिला परिषद ऊना में स्पष्ट बहुमत मिला है। इस बार जिला परिषद अध्यक्ष पद अनारक्षित है।

