पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन पांवटा साहिब की बैठक में लंबित मुद्दों पर मंथन, वित्तीय लाभों को जारी करने की मांगकार्यालय संवाददाता-पांवटा साहिब
पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन पांवटा साहिब की बैठक शनिवार को डा. विपन कालिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की गई। इस दौरान महासचिव डा. टीपी सिंह ने बताया कि बैठक की शुरुआत में उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक जीएस चौहान के संस्था की सदस्यता ग्रहण करने पर उनका स्वागत किया गया। बैठक में सदस्यों ने कहा कि सरकार पेंशनर्स के देय को लेकर असंवेदनशील रवैया अपना रही है। 17 दिसंबर, 2025 को चिकित्सा बिलों के भुगतान को 40 दिनों के भीतर निपटाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। सदस्यों ने महंगाई भत्ते को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि 58 प्रतिशत के स्थान पर केवल 45 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है, जिससे पेंशनर्स को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई, 2022 से देनदारियां लगातार बढ़ रही हैं और अभी तक बकाया का भुगतान नहीं किया गया है।
इसके अलावा 8-9-2022 के संदर्भ में फरवरी, 2022 से सात सितंबर, 2022 तक का बकाया भी लंबित है। जनवरी, 2016 के बाद से जनवरी, 2022 तक सेवानिवृत्त पेंशनर्स की अदायगी को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। बैठक में फिक्स चिकित्सा भत्ता 400 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए करने तथा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पेंशनर्स को क्रमश: 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग भी उठाई गई, जो लंबे समय से लंबित है। बैठक में बीएस नेगी, सतपाल सिंह, पीसी शर्मा, इंद्रपाल वालिया, धर्म चंद शर्मा, जितेंद्र दत्त, वीके अग्रवाल, नवीन कुमार सिंह, प्रीतो देवी, अनीता चड्ढा, नेभी सरीन, वीसी छिब्बर, शांतिस्वरूप गुप्ता, सुंदर लाल मेहता, केके चड्ढा, लखबीर सिंह अरोड़ा, सुधा कालिया, पीएन गुप्ता, वंदना शर्मा, केएल चौधरी, सुशील कुमार व नरेश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

