मंडी में हिमाचल दिवस पर शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने किया ऐलान; फहराया तिरंगा; मार्चपास्ट की सलामी ली
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-मंडी
मंडी में हिमाचल दिवस समारोह पर तिरंगा फहराया गया।
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ध्वजारोहण किया और मार्चपास्ट की सलामी ली। इस दौरान मंत्री ने नगर निगम के स्वाच्छता कर्मियों को भी सम्मानित किया है। मंत्री ने सडकों के बनाने, और बीते तीन सालों के भीतर सरकार द्वारा कमाए राजस्व का हवाला देते हुए प्रदेश के आर्थिक हालातों से भी लोगों को अवगत करवाया। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सेरी मंच पर आयोजित जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने राष्ट्र ध्वज फहराकर मार्चपास्ट की सलामी ली। उन्होंने इंदिरा मार्केट परिसर स्थित शहीद स्मारक एवं सेरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। इस अवसर पर पुलिस, गृह रक्षक वाहिनी, एनसीसी, एनएसएस व स्काऊट एंड गाइड्स की टुकडय़िों ने भव्य परेड निकाली।
वहीं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों ने रंगारंग कार्य प्रस्तुत किए। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हिमाचल का कोई भी क्षेत्र सडक़ सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर गांव, हर बस्ती तक सडक़ पहुंचाने का काम तेजी से कर रहे हैं। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत 1538 किलोमीटर सडक़ों के लिए 294 परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जिन पर लगभग 2244 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले चरण में 800 किलोमीटर सडक़ों के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, ताकि कोई भी गांव पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि मण्डी, गागल, चैलचौक और जंजैहली को जोडऩे वाली सडक़ का काम जल्द शुरू होगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार पुरानी सडक़ों के रखरखाव पर भी पूरा ध्यान दे रही है। इसके लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि हर सडक़ सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहे। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में 500 किलोमीटर नई मोटर योग्य सडक़ें बनाई जाएंगी, 1255 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज कार्य होंगे, 950 किलोमीटर सडक़ों की टारिंग की जाएगी और 47 नए पुल बनाए जाएंगे।
तीन सालों में कमाए 49500 करोड़
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अंत में जीत हिमाचलियत की होगी और क्षेत्रवाद व दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए जनसहयोग से हिमाचल की आर्थिकी पुन: समृद्ध करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले दिन से ही नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया है और पिछले तीन वर्षों में 49,500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए वादों को पूरा कर लिया है। प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल की। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाह 1500 रुपये सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सबसिडी और निश्चित आय का प्रावधान है।

