दिव्य हिमाचल ब्यूरो - धर्मशाला
यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित शिवाजी महाराज के 12 किलों को समर्पित पुस्तक 'पत्थर बोल उठे' की लेखिका प्रमिला वर्मा ने इन किलों का लेखन कर इतिहास को अंकित कर दिया है।
भविष्य में जब कभी महाराष्ट्र के किलों के बारे में किसी को जानना होगा या इस पर शोध कार्य करना होगा, तब इस किताब का पढ़ा जाना अनिवार्य होगा। इस किताब को पढ़े बिना महाराष्ट्र के सभी ऐतिहासिक किलों के बारे में जानकारी एकत्र करना लगभग असंभव होगा। यह बात फिल्मी दुनिया के मशहूर अभिनेता रजा मुराद ने प्रमिला वर्मा की पुस्तक का विमोचन करते हुए कही। इस कार्यक्रम का आयोजन 'प्रयागराज लिटरेरी फेस्टिवल' के अंतर्गत प्रयागराज में हुआ।
कार्यक्रम में देश भर के कई मशहूर साहित्यकार, पत्रकार व रंगकर्मी एकत्रित हुए थे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि यह पुस्तक महाराष्ट्र के किलों को समय-समय पर इतिहास में अंकित करते रहेंगे। गुफ्तगू के अध्यक्ष डा. इम्तियाज़ अहमद गाज़ी ने कहा कि प्रमिला वर्मा ऐसी लेखिका हैं, जो देश में ऐतिहासिक रूप से दर्ज की गई वस्तुओं को अपने लेखन का विषय बनाती रही हैं। एक किताब 'रॉबर्ट गिल और अजंता की पारो', जिसमें अजंता की गुफाओं का वर्णन व वहां की सुप्रसिद्ध प्रेम कहानी का शोधात्मक उल्लेख किया गया है।

