विधानसभा अध्यक्ष बोले; पहली बार किसी सरकार ने आरंभ की सुख आश्रय योजना, प्रदेश के विकास के लिए जोरदार पैरवीदिव्य हिमाचल ब्यूरो - हमीरपुर
79वां हिमाचल दिवस बुधवार को हमीरपुर में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। इस भव्य परेड में हिमाचल प्रदेश पुलिस, होमगाड्र्स, एनसीसी, एनएसएस, वन मित्र, आपदा मित्र, विभिन्न स्कूलों और विशेष बच्चों के स्कूल की टुकडिय़ों ने शानदार मार्च पास्ट किया।
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह दिवस उन स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों को नमन करने का दिन भी है, जिनके त्याग एवं समर्पण के कारण ही हिमाचल प्रदेश एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया और विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हुआ। कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को चीफ कमिश्नर राज्य के रूप में हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। इसके बाद पार्ट सी स्टेट, केंद्रीय शासित राज्य और पूर्ण राज्य बनने के सफर तक प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डा. वाईएस परमार का बहुत बड़ा योगदान रहा। प्रदेश के इतिहास में पहली नवंबर, 1966 की तिथि बहुत महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इस तिथि को ही पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र भी हिमाचल में शामिल किए गए और विशाल हिमाचल अस्तित्व में आया। सरकार ने महत्त्वपूर्ण योजनाएं शुरू करके चहुमुखी विकास सुनिश्चित किया है। विशेषकर, सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने ऐसी योजनाएं आरंभ की हैं, जिसकी परिकल्पना पहले किसी भी सरकार ने नहीं की थी। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से निराश्रित बच्चों को सहारा प्रदान किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने परेड के प्रतिभागियों और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया।

