टीम-थुनाग/मंडी सराज विधानसभा क्षेत्र में शनिवार दोपहर बाद अचानक हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जंजैहली, कटारू, भुलाह, ढीम, चोलूथाच, केलोनाल, मगरुगला, ब्रयोगी, छतरी सहित कई क्षेत्रों में हुई इस ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में खेत सफेद चादर से ढक गए, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत बबाज़्द हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के चलते गेहूं, जौं, फूलगोभी, बंदगोभी, मटर, सेब और स्टोन फ्रूट की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इस बार मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को गहरा झटका दिया है। कई किसानों की पूरी फसल तबाह हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में मौसम के बदले मिजाज ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। अप्रैल के महीने में जहां चिलचिलाती गर्मी की शुरुआत हो जाती थी, वहां अब कड़ाके की ठंड ने दस्तक दी है। शुक्रवार देर शाम व रात्रि से शुरू हुआ बारिश और ओलावृष्टि का दौर शनिवार को भी जारी रहा, जिससे पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। आलम यह है कि लोगों को एक बार फिर संदूकों से गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं और घरों में हीटर व अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले के सुंदरनगर, धर्मपुर और जोगिंद्रनगर में इन दिनों मेलों का आयोजन चल रहा है। शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी बारिश ने मेला परिसरों की व्यवस्था बिगाड़ कर रख दी है।

