बजोहा में शिलान्यास के 10 साल बाद भी गंदा नाला बढ़ा रहा मर्ज; दुर्गंध से लोग बेहाल, चुनाव आते ही गरमाता है मुद्दा, लोग बोले, अब चाहिए स्थायी समाधानस्टाफ रिपोर्टर - घुमारवीं
नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर-7 बजोहा में मीट मार्केट के साथ बह रहा खुला गंदा नाला स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
गर्मियों की तपिश बढ़ते ही नाले से उठने वाली तेज दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालत यह है कि राहगीरों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है जबकि आसपास रहने वाले लोग हर दिन बीमारी के डर के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। बड़ी बात यह है कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा साढ़े सात करोड़ रुपए की लागत से नाले के चैनलाइजेशन और पार्किंग निर्माण योजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन दस साल बीतने के बावजूद योजना आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनावों के दौरान नेता बड़े-बड़े वादों के साथ नाले के चैनलाइजेशन की बात करते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह मुद्दा फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों का आरोप है कि सरकारें बदलींए प्रतिनिधि बदलेए लेकिन नाले की स्थिति नहीं बदली। अब हालत यह हो गई है कि शिलान्यास स्थल पर लगी पट्टिका तक शरारती तत्वों द्वारा तोड़ दी गई है। गंदे नाले से उठने वाली दुर्गंध के कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया, हैजा और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। नाले के साथ ही दो बड़े निजी स्कूल स्थित हैं जहां प्रतिदिन हजारों बच्चे पढऩे आते हैं।
जगह-जगह पानी
नाले में जगह-जगह पानी जमा रहने से सडक़ किनारे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
प्रशासन से शिकायत
स्थानीय निवासी रमेश कुमार, सतपाल, दलीप सिंह, ओमप्रकाश, प्रवीण कुमार, होशियार सिंह और विशाल शर्मा ने बताया कि यह समस्या काफी समय से है और इस संदर्भ में कई बार नगर परिषद और प्रशासन से शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा।
जो भी पार्षद चुना जाएगा उसके सामने सबसे पहले होगी ये ही मांग
लोगों ने कहा कि इस बार नगर परिषद चुनाव में जो भी पार्षद चुना जाएगा, उसके सामने सबसे पहली मांग नाले के चैनलाइजेशन की रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब केवल चुनावी आश्वासनों से काम नहीं चलेगा बल्कि वर्षों से लंबित योजना को धरातल पर उतारना होगा। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि साढ़े सात करोड़ रुपये की योजना को जल्द शुरू कर क्षेत्र को गंदगी, दुर्गंध और संभावित बीमारियों से राहत दिलाई जाए।

